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🔰सुविधा का दर्द: आनलाइन अष्टाम सिस्टम ने हिलाया लोगों का ‘सिस्टम’, सेवा केन्द्रों में टोकन बना परेशानी का सबब!!
🔰सरकार को कोस रहे बेहाल लोग, रात 2 बजे तक चल रही अष्टामफरोशी!!

जालंधर (हितेश सूरी) : महानगर में अष्टाम पेपरों की समस्या विकराल रुप धारण करती जा रही है। सुबह 7 बजे से प्राइवेट वेंडरों के काउंटरों के बाहर लंबी लाइने लगनी शुरु हो जाती है। प्राइवेट वेंडर रात 2 बजे के बाद तक अष्टाम पेपर निकाल रहे हैं।और तो और बैंकों और सेवा केंद्रों में भी लोगों को लगभग ऐसी ही समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है l यहां सब से बड़ी समस्या टोकन सिस्टम की है क्योंकि बैंकों में भारी रश होने के चलते अष्टाम पेपर के लिए बैंककर्मी लोगों को टाइप-1 सेवा केंद्र में भेज रहे हैं। जबकि सेवा केंद्रों में कार्यरत कर्मचारी टोकन खत्म होने का हवाला देकर वापस भेज देते है। जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स में अष्टाम लेने पहुंचे एक भुगतभोगी ने बताया की वह सुबह 8 बजे से आया है, लेकिन सेवा केंद्र में 11 बजे टोकन खत्म होने की बात कह कर उसे बैंक भेजा जा रहा है जहां पर भी काम नहीं होने की कोई गारंटी नहीं है। अब बात करे जिला प्रशासनिक कॉम्प्लेक्स की तो अष्टाम फरोशों को प्रशासन की ओर से ऑनलाइन अष्टाम पेपर उपलब्ध करवाने के लिए ID जारी की गई है। इसके बावजूद कई अष्टाम फरोशों की तरफ से काम शुरू नहीं किया गया। इस कारण लोगों को भटकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। और जो लोग अष्टाम का काम कर रहे है उनके पास रश ज्यादा होने के चलते लोगों को कई घंटों लाइनों में लगना पड़ रहा है।एक प्राइवेट वेंडर के अनुसार अष्टाम निकालने के लिए कई बार सर्वर स्लो होने के चलते भारी परेशानी आ रही है। जिस कारण रात 12 बजे के बाद अष्टाम पेपर को निकालने पड़ रहे है। जिला प्रशासन के रिकॉर्ड के अनुसार अष्टाम फरोशों की तरफ से ऑनलाइन अष्टामों को बेचने के लिए अप्लाई किया जा रहा है। अब तक जिले के 100 से अष्टाम फरोशों ने आईडी के लिए अप्लाई किया है। जबकि 50 से अधिक लोगों को आईडी प्राप्त हो चुकी है। आईडी मिलने के बाद चंडीगढ़ से भी अष्टाम फरोशों को बांड साइन करना पड़ रहा है जिसमें देरी लग रही है। बता दें 10 अष्टाम फरोशों की आईडी पाने की प्रक्रिया चंडीगढ़ से पूरी हो चुकी है लेकिन उनमें से दो या तीन लोग ही काम कर रहे हैं।

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