फिल्लौर में डॉ. बी.आर. आंबेडकर प्रतिमा से छेड़छाड़ का मामला: खालिस्तानी आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के कथित नेटवर्क से जुड़े आंतकी रेशम सिंह व आंतकी कुलविंदर सिंह बिंदर की जमानत पर सुनवाई कल
जालंधर (योगेश सूरी): पंजाब का माहौल खराब करने के लिए अमेरिका में बैठे प्रतिबंध संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ के मुखिया खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जून 2025 में अपने दो गुर्गों को भेजकर फिल्लौर के गांव नंगल में डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया तथा सार्वजनिक स्थानों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लिखवाए थे। इस घटना के बाद आतंकी पन्नू ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर घटना की ज़िम्मेदारी लेते हुए बाबा साहिब के प्रति अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया , ताकि पंजाब का माहौल खराब किया जा सके। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने गुरपतवंत सिंह पन्नू व उसके गुर्गों— खालिस्तानी आंतकी सुरिंदर सिंह ठिकरीवाल, रेशम सिंह और कुलविंदर सिंह उर्फ बिंदर के खिलाफ मामला दर्ज किया।
इस मामले में पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC), मोहाली ने 18 जून को पन्नू के दोनों गुर्गों रेशम सिंह और कुलविंदर सिंह उर्फ बिंदर को गिरफ्तार कर लिया था। दोनों आरोपियों के केस की सुनवाई जालंधर की अदालत में चल रही है। जालंधर के एडवोकेट अभिषेक भारद्वाज इनकी पैरवी कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि 16 अप्रैल को माननीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जालंधर, श्री राजीव के. बेरी की अदालत में दोनों आरोपियों की जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी, जिसकी सुनवाई कल होगी। आपको बता दें कि आरोपी रेशम सिंह को पहले भी राज्य की विभिन्न अदालतों में ऐसे ही तीन अन्य मामलों में जमानत मिल चुकी है तथा उसे एक मामले में दोषमुक्त भी किया जा चुका है। वहीं आरोपियों के वकील अभिषेक भारद्वाज का कहना है कि उनके क्लाइंट को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेशम सिंह और कुलविंदर सिंह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं थे। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा अदालत में पेश की गई सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों दिखाई नहीं दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में अब तक कोई भी चश्मदीद गवाह सामने नहीं आया है। एडवोकेट भारद्वाज ने कहा कि इसके अलावा गुरपतवंत सिंह पन्नू ने सोशल मीडिया पर लाइव होकर घटना की जिम्मेदारी तो ली, लेकिन उसने अपने बयान में कहीं भी रेशम सिंह और कुलविंदर सिंह का नाम नहीं लिया।
ऐसे एंट्री हुई खालिस्तानी आंतकी रेशम सिंह की SFJ में

खालिस्तानी आंतकी रेशम सिंह बरनाला जिले के गांव हमीदी का रहने वाला है। वह चंडीगढ़ स्थित एलांटे मॉल सहित अन्य मॉल में सिक्योरिटी गार्ड के रूप में काम कर चुका है। बताया जाता है कि रेशम सिंह अत्यधिक शराब का आदी है। उसका साला कुलविंदर सिंह ‘बिंदर’ अपने पिता के मर्डर केस में भी एक वर्ष जेल में रह चुका है। मई 2025 में भारत-पाक तनाव के दौरान, रेशम सिंह ने ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ और ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ जैसे भड़काऊ नारे लिखे, ताकि जनता में अशांति फैलाई जा सके और देशविरोधी भावना को बढ़ावा मिले। पुलिस के अनुसार रेशम सिंह को इन गतिविधियों के लिए विदेश से फंडिंग भी मिल रही थी। वह पहले भी दो यूएपीए मामलों—करनाल (हरियाणा) और संगरूर—में देशविरोधी ग्राफिटी के आरोप में गिरफ्तार हो चुका है। बताया जाता है कि रेशम सिंह ने 2019 में अमेरिका में रहने वाले खालिस्तानी आंतकी हरप्रीत सिंह उर्फ राणा के माध्यम से SFJ (सिख फॉर जस्टिस) नेटवर्क से संपर्क किया था, जो “पॉलिटिक्स पंजाब” नामक (अब प्रतिबंधित) मीडिया चैनल चलाता था। खालिस्तानी आंतकी हरप्रीत राणा ने ही उसे खालिस्तानी आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू (USA), बिक्रमजीत सिंह (USA) और जे.एस. ढालीवाल से मिलवाया था। संगरूर जेल से मई 2024 में रिहा होने के बाद रेशम सिंह ने फिर से खालिस्तानी आंतकी सुरिंदर सिंह ठिकरीवाल के कहने पर कथित रूप से देशविरोधी गतिविधियां शुरू कर दीं। वह हर घटना का वीडियो बनाकर विदेश में बैठे हैंडलरों को भेजता था, जिसका उपयोग अलगाववादी प्रचार में किया जाता था। सूत्रों के अनुसार रेशम सिंह को अब तक लगभग ₹8–10 लाख की फंडिंग मिल चुकी है, जिसके सबूत पुलिस के पास होने का दावा किया गया है।
अब तक खालिस्तानी आंतकी रेशम सिंह द्वारा की गई घटनाएं……
- 23–24 मई 2024 की रात: पटियाला-संगरूर हाईवे फ्लाईओवर की दीवार पर “SFJ खालिस्तान” लिखा।
- 23 जनवरी 2025 की रात: फरीदकोट के नेहरू स्टेडियम की दीवार पर “खालिस्तान जिंदाबाद – SFJ” लिखा और खालिस्तान का झंडा चिपकाया।
- 15–16 मई 2025 की रात: जालंधर के आदमपुर के खुर्दपुर रेलवे स्टेशन की दीवार पर “खालिस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद, ट्रंप जिंदाबाद – SFJ” लिखा और “सिख वेलकम पाकिस्तान आर्मी” का बैनर लगाया।
- 1–2 जून 2025 की रात: जालंधर के फिल्लौर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर काले रंग की स्प्रे से ‘SFJ’ लिखा तथा पास के स्कूल की दीवार पर खालिस्तान संबंधी ग्राफिटी की।
- 9–10 मार्च 2025 की रात: बठिंडा के घुड़ा गांव में सेंट्रल यूनिवर्सिटी की दीवार पर “US ट्रंप जिंदाबाद, खालिस्तान जिंदाबाद” लिखा।
- 8–9 जून 2025 की रात: एसएएस नगर में डॉ. आंबेडकर हाउसिंग सोसाइटी की दीवारों पर “डॉ. आंबेडकर मुर्दाबाद, खालिस्तान जिंदाबाद” लिखा और “सिख हिंदू नहीं” लिखा हुआ झंडा फहराया।
- 30–31 मार्च 2026: होशियारपुर में डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने के मामले में नामजद किया गया।










