
जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरो): अदालत के आदेश का पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए जालंधर कोर्ट के सिविल जज (जूनियर डिवीजन) श्री गुरप्रीत सिंह की अदालत ने रीजनल पासपोर्ट ऑफिस (RPO), जालंधर के अधिकारी यशपाल के खिलाफ सशर्त गिरफ्तारी वारंट जारी किए हैं।
अदालत ने निर्देश दिए हैं कि संबंधित अधिकारी को 17 अक्तूबर 2026 को पुलिस कमिश्नर, जालंधर के कार्यालय के माध्यम से अदालत में पेश किया जाए। उल्लेखनीय हैं कि मामला हरमनदीप सिंह नामक व्यक्ति के पासपोर्ट रिकॉर्ड में दर्ज जन्मतिथि को सही करवाने से संबंधित है। मामले के अनुसार हरमनदीप सिंह ने अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए कहा था कि उनकी वास्तविक जन्मतिथि 22 जनवरी 1997 है, जबकि पासपोर्ट नंबर H0313230 में यह जन्मतिथि गलती से 22 जनवरी 1999 दर्ज हो गई थी। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत के समक्ष यह पक्ष रखा गया कि उनकी सही जन्मतिथि आधार कार्ड, जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड तथा स्कूल प्रमाणपत्र सहित अन्य संबंधित दस्तावेजों में 22 जनवरी 1997 दर्ज है। उन्होंने पासपोर्ट रिकॉर्ड में भी जन्मतिथि को सही करवाने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग की थी। मामले में यूनियन ऑफ इंडिया तथा रीजनल पासपोर्ट ऑफिस, जालंधर को प्रतिवादी बनाया गया था ।अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार इस सिविल मामले में 5 नवंबर 2024 को फैसला सुनाया गया था, जिसके बाद आदेश की अनुपालना को लेकर मामला अदालत के समक्ष आया।

जालंधर के युवा वकील कुणाल कालिया ने डिक्री धारक हरमनदीप सिंह की ओर से पैरवी की है और उन्हें इंसाफ दिलाने की हर संभव कोशिश की जा रही है। एडवोकेट कुणाल कालिया के मुताबिक मौजूदा कार्यवाही में अदालत ने पाया कि पूर्व में पारित आदेश की जानकारी संबंधित पासपोर्ट कार्यालय तक पहुंच चुकी थी। उन्होंने कहा कि मौजूदा कार्यवाही में अदालत ने पाया कि पूर्व में पारित आदेश की जानकारी संबंधित पासपोर्ट कार्यालय तक पहुंच चुकी थी। एडवोकेट कालिया ने कहा कि मौजूदा आदेश के अनुसार 15 सितंबर 2026 को माननीय अदालत ने 1 जुलाई 2026 के आदेश की प्रति आवश्यक कार्रवाई के लिए RPO जालंधर को भेजने के निर्देश दिए थे। संबंधित अहलमद की रिपोर्ट में बताया गया कि आदेश की प्रति RPO कार्यालय भेजी गई थी और कार्यालय के रिसीविंग क्लर्क द्वारा उसे प्राप्त भी किया गया था। हालांकि, संबंधित अधिकारी ने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया । एडवोकेट कालिया ने बताया कि अदालत ने उपलब्ध रिकॉर्ड पर विचार करने के बाद कहा कि RPO जालंधर को 1 जुलाई 2026 के आदेश की पूर्ण जानकारी थी मगर संबंधित अधिकारी ने आदेशों की पालना नहीं की। अदालत ने इसे गंभीरता से लेते हुए RPO जालंधर के अधिकारी यशपाल के खिलाफ सशर्त गिरफ्तारी वारंट जारी करने के निर्देश दिए है। अदालत ने निर्देश दिए है कि यशपाल को 17 अक्तूबर 2026 को पुलिस कमिश्नर जालंधर के कार्यालय के माध्यम से अदालत में पेश किया जाए, ताकि 5 नवंबर 2024 को पारित फैसले एवं डिक्री की अनुपालना सुनिश्चित करवाई जा सके ।अदालत ने आदेश की प्रति पुलिस कमिश्नर जालंधर के कार्यालय को भी भेजने के निर्देश दिए हैं और आदेश की पूर्ण अनुपालना सुनिश्चित करने को कहा है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश का पालन नहीं किया जाता तो जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।









