BREAKINGCRIMEDOABAJALANDHARPUNJAB

🔰गोपाल नगर गोलीकांड, चुस्त आरोपी-सुस्त पुलिस
🔰गोलीकांड के 34 दिन बाद भी आरोपी पंचम, पिंपू, मिर्ज़ा,अमन सेठी व अन्य जालंधर पुलिस को दिखा रहे ठेंगा!!

जालंधर (हितेश सूरी) : अकाली नेता सुभाष सौंधी के बेटे हिमांशु सौंधी पर 14 अप्रैल को हुए जानलेवा हमले के मामले के मुख्य आरोपी पंचम, पिंपू , अमन सेठी, मिर्जा व अन्य अभी तक पुलिस की पकड़ से बाहर है। बीते 34 दिनों से पुलिस की नाकामी के चलते आरोपी अभी तक फरार चल रहे है और दूसरी तरफ इनकी तलाश में हिमाचल के पहाड़ों की सैर तक कर आई पंजाब पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है l बहरहाल रेड करने गए पुलिस अधिकारियों का खाली हाथ वापस आना जालंधर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता दिखाई दे रहा है। हमले के शिकार युवक के परिजनों ने इस रेड के फेल होने के पीछे भी शंका जाहिर की है उनका आरोप है की कहीं ना कहीं पुलिस की काली भेड़ें इस रेड में शामिल थी जिसके कारण आरोपी फरार नहीं हुए अपितु करवाए गए है। आतंक का पर्याय बन चुके इन आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से जहां पुलिस की किरकिरी हो रही है वहीं लोगों में अपराधिक छवि वाले ऐसे लोगों के विरुद्ध रोष बढ़ता जा रहा है जो स्कूलों के बच्चों को अपने अवैध हथियार व लाइफस्टाइल दिखाकर गुमराह करते हैं और इस दलदल में धकेल देते हैं। ज्यादातर इनके शिकार बड़े घरानों के बच्चे बनते हैं। जिनसे यह लोग अपने शोंक पूरे करने के लिए पैसों की मांग करते हैं। जहां तक की पैसो के लालच में पुलिस विभाग की कुछ काली भेड़ें भी इन लोगों का साथ देती है जिनसे यह लोग जेल की सलाखों से बचे रहते हैं। पीड़ीत युवक के परिजनों ने कहा की ऐसे पुलिस वालों को यह ध्यान में रखना चाहिए कि क्रिमिनल लोग किसी के सगे नहीं होते फिर चाहे वे इन्हें पैसे देने वाले बिज़नेसमैन हो या इन्हें शह देने वाले राजनीतिक नेता या फिर इन्हें बचाने वाले पुलिस अधिकारी ही क्यों ना हो। यह अपराधिक लोग गिरगिट की तरह अपने मालिक को बदलते रहते हैं। उन्होनें पंजाब के CM और DGP से गुहार लगाई है कि पंजाब पुलिस की ऐसी काली भेड़ों पर लगाम कसी जाए अन्यथा एंटी गैंगस्टर टास्क फ़ोर्स बनाने का कोई लाभ नहीं है l बहरहाल अब महानगर में यह सवाल चर्चा में है की क्या किसी राजनीतिक दबाब के चलते गोलिकांड के मुख्य आरोपी घटना के 34 दिन बाद भी पुलिस पकड़ से बाहर है या फिर यह आरोपियों और पुलिस कर्मियों की मिलिभगत का परिणाम है l

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!