जालंधर (विशेष): बरनाला में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों, विशेषकर महिला सफाई कर्मचारियों, पर पंजाब पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज की घटना की डेमोक्रेटिक भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजिंदर गिल ने कड़े शब्दों में निंदा की है । राजिंदर गिल ने इस घटना को लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला हनन और मेहनतकश वर्ग के सम्मान पर सीधा हमला बताया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजिंदर गिल ने बताया कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी जायज़ मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का पूरा संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार संवाद और समाधान का रास्ता अपनाने के बजाय पुलिस बल का सहारा लेकर आंदोलन को दबाने का प्रयास करती है तो यह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि बरनाला की घटना ने पूरे पंजाब को झकझोर कर रख दिया है तथा इसने सरकार के श्रमिक और दलित वर्ग के प्रति रवैये पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं ।उन्होंने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस राजनीतिक दल का चुनाव चिन्ह ‘झाड़ू’ है, उसी सरकार के कार्यकाल में झाड़ू उठाकर शहरों और गांवों को स्वच्छ रखने वाले सफाई कर्मचारियों पर लाठियां बरसाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है। राजिंदर गिल ने कहा कि सरकार एक ओर सरकारी कार्यालयों, कार्यक्रमों और मंचों पर संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आदर्शों और सामाजिक न्याय की बात करती है, जबकि दूसरी ओर समाज के वंचित, दलित और सफाई कर्मचारी वर्ग के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जो बाबा साहब के विचारों और संविधान की मूल भावना के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही महिला सफाई कर्मचारियों पर बल प्रयोग करना न केवल अमानवीय है बल्कि महिलाओं के सम्मान और मानवाधिकारों का भी उल्लंघन है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राजिंदर गिल व राष्ट्रीय चेयरमैन प्रिं मोहन लाल खोसला ने मांग की है कि बरनाला लाठीचार्ज की घटना की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए और दोषियों के विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और साथ ही सफाई कर्मचारियों की लंबित मांगों पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लेकर उन्हें सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाए।









