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कनाडा, USA, UK, PAK के बाद अब फिलिपींस व ग्रीस में छिपे खालिस्तानी आंतकी भी NIA के राडार पर
पढ़े क्यों खालिस्तानी आंतकियों व गैंगस्टरों के लिए आसान शरणस्थली है फिलिपिंस

जालंधर (योगेश सूरी) : बड़े देशों अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी की विशेष टीम को फिलीपींस और ग्रीस में कई शीर्ष खालिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी का पता लगाया है l NIA की आतंकवाद रोधी एजेंसी को फिलीपींस में फिरोजपुर के रहने वाले अमरीक सिंह और मंदीप सिंह की मौजूदगी का पता चला है l दोनों पर UPA मामले भी लगाए गए हैं lबता दे की फिलिपींस पिछले कई वर्षो से आंतकियों व गैंगस्टरों के लिए आसान शरण स्थली बना हुआ है l क्योंकि भारत से सिंगापुर के लिए वीजा खुला है व सिंगापुर के रास्ते फिलिपींस पहुंचने वाले लोगों को 14 दिन फिलिपींस में एंट्री फ्री है जिसके चलते वहां बैठे एजेंट इमिग्रेशन के साथ सेटिंग के साथ जाली दस्तावेजों के माध्यम से लोगों को बहुत आसान माध्यम से पक्के तौर पर रुकने की व्यवस्था करवा देते है l ऐसे में पंजाब से भागे खालिस्तानीयो व गैंगस्टरों को फिलिपींस में छिपने की व्यवस्था बहुत आसानी से मिल जाती है l फिलिपींस में पंजाबी एजेंटों द्वारा अवैध इमिग्रेशन का धंधा बहुत जोरों पर है व वहां 5/6 (फाइनांस) का धंधा बहुत आसान है और खतरनाक भी है l हलांकि आए दिनों फिलिपींस के मनीला सहित कई शहरों में पंजाबी युवकों की हत्याएं होने के समाचार सुर्खियों में रहते है l सूत्रों की माने तो वहां की पुलिस व इमिग्रेशन की सहायता से ही आंतकी किस्म के पंजाबी इन हत्याओं को अंजाम देने में सफल रहते है l फिसिपिंस के कई गुरुद्वारे भी राजनीति के गढ़ बने हुए है व अलग-अलग पदो के चुनावों को लेकर हत्याओं व गैंगवार के मामले भी यहां आम है l वर्ष 2017 के फरवरी मास में मनीला के UN Avinue Paco स्थित गुरुद्वारा खालसा दीवान के प्रधान रहे भगवंत राए बंसल की हत्या व इसी गुरुद्वारे के उपप्रधान बलदेव सिंह व कैशियर सुखदेव सिंह (बंगा) की हत्या इन्हीं गैंगवारों की देन रही है l

याद रहे की इसी वर्ष मई माह में भी NIA ने फिलीपींस में बैठकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले आतंकी खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला के गुर्गे अमृतपाल सिंह व मनप्रीत सिंह को फिलीपींस से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था l अमृतपाल सिंह कुख्यात खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला और कनाडा में पिछले दिनों ढेर किए गए A कैटेगरी गैंगस्टर सुक्खा दुनेके का करीबी था l अमृतपाल सिंह को डिपोर्ट कर भारत लाया गया था l इसी तरह NIA की टीम ने ग्रीस में खालिस्तानी आतंकवादी सतनाम सिंह सत्ता की मौजूदगी का पता लगाया हैlतरनतारन के जसवंत सिंह के बेटे सत्ता के खिलाफ आरसी संख्या 37/2022/NIA/DLI/ (देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन की गैरकानूनी गतिविधियां) के तहत मामले दर्ज किए गए हैं l
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार तीनों सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) से जुड़े हैं और उन्हें धन इकट्ठा करने के अलावा ग्रीस और फिलीपींस में खालिस्तान आंदोलन के लिए समर्थन पैदा करने का काम सौंपा गया था l सूत्रों ने कहा कि भारत की बाहरी एजेंसी (रॉ) और ग्रीस व फिलीपींस में भारतीय मिशन को खालिस्तानी आतंकवादियों का विवरण प्रदान किया गया है lसूत्रों ने कहा कि आरोपियों के बारे में जानकारी ग्रीस और फिलीपींस की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी साझा की गई है l तीनों आरोपियों का संबंध खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट KLF, बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन (ISYF) से भी है l सूत्रों ने कहा कि फिलीपींस में अमरीक सिंह और मनदीप सिंह की मौजूदगी और ग्रीस में सत्ता की मौजूदगी मई महीने में पाई गई थी l सूत्रों ने कहा, ‘फिलीपींस और ग्रीस में भारतीय मिशन को भी अलर्ट पर रखा गया है l यह निर्देश इस तथ्य के बाद जारी किया गया था कि खालिस्तानी समर्थक विदेश में भारतीय मिशन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं l सूत्रों ने आगे बताया कि एनआईए द्वारा तैयार की गई 19 अन्य खालिस्तानी आतंकियों की सूची में अमरीक सिंह, मनदीप सिंह और सतनाम सिंह सत्ता का नाम भी शामिल किया गया है lसूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने यूके, यूएस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, ग्रीस और फिलीपींस में रहने वाले भगोड़े खालिस्तानी आतंकवादियों की एक सूची तैयार की है, जिनकी संपत्ति भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों के लिए जब्त किए जाने की संभावना है l इन सभी आतंकियों के खिलाफ सख्त आतंकरोधी कानून UPA के तहत कार्रवाई की जाएगी l इन सभी पर विदेशी धरती से भारत विरोधी प्रोपेगेंडा चलाने का आरोप हैlइस बीच, एजेंसी को और मजबूत करने के लिए गृह मंत्रालय ने एक अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) और छह महानिरीक्षक (आईजी) के पद के सृजन को मंजूरी दे दी है l इन नए स्वीकृत पदों के साथ, NIA में ADG की कुल संख्या दो और IGP की 10 हो जाएगी l एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा कि वरिष्ठ स्तर के पदों की मंजूरी से न केवल NIA को अपनी आतंकवाद विरोधी जांच को और मजबूत करने में मदद मिलेगी, बल्कि इससे पूरी एजेंसी का मनोबल भी बढ़ेगा l

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