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🌐श्री राम मंदिर निर्माण का सपना हुआ साकार, प्रधानमंत्री मोदी ने किया भूमि पूजन
🌐प्रभु श्री राम की जयघोष आज पूरे विश्व में गूंज रही है : प्रधानमंत्री मोदी
🌐श्री राम मंदिर का शिलान्यास दशकों के संघर्ष का परिणाम : भागवत

मंदिर शहर को गेंदे के फूलों और पीले और केसरिया झंडों से सजाया गया

अयोध्या (न्यूज़ लिंकर्स) : जय श्री राम, भारत माता की जय व् हर हर महादेव के जयघोषों के बीच आज अयोध्या में प्रभु श्री राम की जन्म स्थली पर प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर के निर्माण का भूमि पूजन आज सम्पन्न हो गया । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन करके भव्य मंदिर के निर्माण की नीव रखी। उनके साथ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी भजन पूजन में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार सुबह अयोध्या के लिए रवाना हो गए थे। उन्होंने पारंपरिक धोती-कुर्ता पहना था। अयोध्या में पुजारियों ने संस्कृत के श्लोकों का उच्चारण किया और लाल और पीले रंगों में सजे विशालकाय मार्के के तहत ग्राउंड-ब्रेकिंग सेरेमनी चल रही थी और मोदी और अन्य गणमान्य व्यक्ति, सभी मास्क लगाए सामाजिक दूरी बनाए हुए थे। जैसे ही प्रधान मंत्री ने मंदिर की नींव रखी, रस्म समाप्त होते ही ‘भारत माता की जय’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगे।मंदिर शहर को गेंदे के फूलों और पीले और केसरिया झंडों से सजाया गया था क्योंकि निवासियों ने एक भव्य राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत का जश्न मनाया। अयोध्या की ओर जाने वाली सड़कें प्रस्तावित मंदिर और राम लल्ला, शिशु राम के होर्डिंग्स से सुशोभित थीं। प्रधानमंत्री राज्य की राजधानी लखनऊ से एक हेलीकॉप्टर में अयोध्या पहुंचे थे और उनका स्वागत आदित्यनाथ ने किया। राम मंदिर की आधारशिला रखने के समारोह से पहले, प्रधानमंत्री ने हनुमान गढ़ी मंदिर में प्रार्थना में भाग लिया। वहाँ से उन्होंने श्री राम जन्मभूमि स्थल की यात्रा की जहाँ उन्होंने भगवान श्री रामलला विराजमान की पूजा की। उन्होंने पारिजात या भारतीय रात चमेली का पौधा भी लगाया।1980 के दशक में शुरू हुए आंदोलन का हिस्सा बनने वाले धार्मिक नेताओं सहित अतिथि सूची को कोविड -19 संकट के मद्देनजर 175 तक सीमित रखा गया था।

प्रधानमंत्री ने यह कहा आज के इस पावन उत्सव में :-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन के बाद 35 मिनट का भाषण दिया।श्री मोदी ने कहा कि यहां आना स्वाभाविक था, क्योंकि राम काज कीजे बिना मोहि कहां विश्राम। सोमनाथ से काशी विश्वनाथ से, बोधगया से सारनाथ तक, अमृतसर से पटना साहिब तक, लक्षद्वीप से लेह तक आज पूरा भारत राम मय है। पहले प्रभु राम और माता जानकी को याद कर लें। सियावर रामचंद्र की जय, जय श्री राम। आज यह जयघोष सिर्फ सियाराम की नगरी में नहीं सुनाई दे रहा है। इसकी गूंज पूरे विश्वभर में है। सभी देशवासियों को और विश्व में फैले करोड़ों-करोड़ों भारत एवं राम भक्तों को आज के इस पवित्र उत्सव पर कोटि-कोटि बधाई। ये मेरा सौभाग्य है कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुझे बुलाया और मुझे इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने का अवसर दिया। मैं हृदयपूर्वक ट्रस्ट का आभार व्यक्त करता हूं। आज हर मन दीपमय एवं भावुक है। सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते जी इस पावन उत्सव को देख पा रहे हैं। बरसों से टेंट के नीचे रहे हमारे राम लला के लिए एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। आजादी की लड़ाई में कई पीढ़ियों ने अपना सबकुछ समर्पित कर दिया, गुलामी के कालखंड में कोई ऐसा समय नहीं था, जब आजादी के लिए आंदोलन न चला हो। देश का कोई भूभाग ऐसा नहीं था, जहां आजादी के लिए बलिदान न दिया गया हो। 15 अगस्त का दिन लाखों बलिदानों का प्रतीक है। राम मंदिर के लिए भी कई-कई सदियों तक, कई-कई पीढ़ियों ने बहुत प्रयास किया। आज का दिन उसी त्याग और संकल्प का प्रतीक है। श्री मोदी ने कहा राम हमारे मन में हैं, हमारे भीतर घुल-मिल गए हैं। कोई काम करना हो तो प्रेरणा के लिए हम भगवान राम की ओर ही देखते हैं। आप भगवान राम की अद्भुत शक्ति देखिए, इमारतें नष्ट हो गईं, क्या कुछ नहीं हुआ, अस्तित्व मिटाने के बहुत प्रयास हुए, लेकिन राम आज भी हमारे मन में बसे हैं। हमारी संस्कृति के आधार है। श्रीराम भारत की मर्यादा हैं, श्रीराम मर्यादा पुरुषोत्तम हैं। श्री मोदी ने कहा कि यहां आने से पहले मैंने हनुमान गढ़ी मंदिर के दर्शन किये । राम के सब काम हनुमान ही तो करते हैं। श्री राम के आदर्शों की कलियुग में रक्षा करने की जिम्मेदारी भी हनुमानजी की है। श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा। हमारी आत्मा और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा। ये मंदिर करोड़ों लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का प्रतीक रहेगा। आने वाली पीढ़ियों को आस्था, श्रद्धा और संकल्प की प्रेरणा यह मंदिर देता रहेगा। इस मंदिर के बनने के बाद अयोध्या की भव्यता ही नहीं बढ़ेगी, इस क्षेत्र का पूरा अर्थ तंत्र ही बदल जाएगा। विश्वास को विद्यमान से, नर को नारायण से, लोक को आस्था से, वर्तमान को अतीत से, स्व को संस्कार से जोड़ने का महोत्सव है। आज का यह ऐतिहासिक पल युगों-युगों तक, दिगदिगंत तक भारत की कीर्ति पताका फहराता रहेगा। आज का दिन करोड़ों रामभक्तों की सत्यता का प्रमाण है। आज का दिन सत्य, अहिंसा, आस्था और बलिदान को न्याय भारत की एक अनुपम भेंट है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने यह कहा आज के इस पावन उत्सव में

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का शिलान्यास दशकों पुराने संघर्ष के बाद हुआ है और यह बहुत संतोष का क्षण है।श्री भागवत ने कहा कि संगठन ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के संकल्प को पूरा करने के लिए लगभग 30 साल काम किया। श्री भागवत ने कहा कि हमने एक संकल्प लिया था। मुझे याद है कि तत्कालीन आरएसएस प्रमुख बालासाहेब देवरस ने हमें बताया था कि हमें 20 से 30 साल तक संघर्ष करना होगा, तभी यह पूरा होगा। हमने संघर्ष किया और 30 वें वर्ष की शुरुआत में, हमने अपने संकल्प को पूरा करने की खुशी प्राप्त की है। आज पूरे देश में खुशी की लहर है।

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