
जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरो): आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों से जुड़े मामले में माननीय एडिशनल डिस्ट्रिक्ट एंड सैशन जज श्री विशेष कम्बोज की अदालत ने लवप्रीत सिंह उर्फ लवी सोहल को बरी कर दिया है। माननीय अदालत ने 3 अक्तूबर 2026 को सुनाए फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आरोप साबित नहीं कर सका।

उल्लेखनीय है कि यह मामला करीब साढ़े छह साल पहले जालंधर फ्रेंडस कॉलोनी में रहने वाली 35 वर्षीय एपीजे कॉलेज की पूर्व लैक्चरर आशिमा राणा और उसके पति कपड़ा व्यापारी विकास राणा की आत्महत्या से संबंधित है। मृतका आशिमा राणा के पिता रूप लाल कालिया निवासी रैया, जिला अमृतसर की शिकायत के मुताबिक उनकी बेटी की शादी वर्ष 2008 में कपड़ा व्यापारी विकास राणा के साथ हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विकास राणा उनकी बेटी को तंग-परेशान करता था और उसके साथ बुरा व्यवहार करता था। 11 मई 2020 को आशिमा राणा ने अपने ससुराल में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके बाद दर्ज मामले में उनके पति विकास राणा को नामजद किया गया था। अगले दिन 12 मई 2020 को विकास राणा ने भी फिल्लौर के पास चलती ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। बाद में सीपी जालंधर को दी शिकायत में शिकायतकर्ता रूप लाल कालिया ने आरोप लगाया अंतिम संस्कार के बाद उन्हें पता चला था कि लवप्रीत सिंह कथित तौर पर काफी समय से उनकी बेटी को परेशान कर रहा था।शिकायतकर्ता के अनुसार 11 मई 2020 को आशिमा के घर लौटने के दिन भी लवप्रीत कथित तौर पर उसके घर गया था, जहां विवाद हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विकास राणा और लवप्रीत के बीच हाथापाई हुई तथा बाद में लवप्रीत और उसके परिवार के सदस्यों ने विकास राणा के साथ मारपीट की, जिससे विकास राणा को गंभीर चोटें आईं। शिकायतकर्ता ने इन घटनाओं को राणा दंपति की आत्महत्या से जोड़ते हुए लवप्रीत के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस कमिश्नर के पास दी गई शिकायत की जांच के बाद लवप्रीत सिंह उर्फ लवी सोहल को मामले में आरोपी बनाया गया। जांच पूरी होने पर उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत अदालत में चालान पेश किया गया।

वही लवप्रीत ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताते हुए खुद को निर्दोष बताया था । हालांकि, मुकदमे की सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी लवप्रीत सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप संदेह से परे साबित नहीं कर सका। अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 को लवप्रीत सिंह उर्फ लव को सभी आरोपों से बरी कर दिया है । वही कांग्रेसी नेता लवप्रीत सिंह उर्फ लवी सोहल ने कहा कि मैं शुरू से ही भारतीय न्याय व्यवस्था का सम्मान करता हूं। उन्होंने कहा कि सत्य और न्याय की हमेशा जीत हुई है और होती रहेगी ।









