
खन्ना (ब्यूरो): आम आदमी पार्टी के नेता एवं मार्केट कमेटी सरहिंद के चेयरमैन एडवोकेट अमरिंदर सिंह मंडोफल से जुड़े कथित धोखाधड़ी मामले में आरोपी पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह राणा को अदालत से बड़ी राहत मिली है। फतेहगढ़ साहिब की जिला एवं सत्र अदालत ने 12 अक्टूबर 2026 को पारित आदेश में उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत प्रदान की। आरोपी की ओर से जालंधर के एडवोकेट अभिषेक भारद्वाज ने अदालत में पैरवी की ।एडवोकेट अभिषेक भारद्वाज द्वारा 9 अक्टूबर को जमानत याचिका दायर की गई थी। अदालत ने मामले का रिकॉर्ड पेश नहीं होने के चलते अगली सुनवाई 15 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित की है।

इस दौरान अदालत ने आरोपी को जांच में शामिल होने के निर्देश दिए हैं। एडवोकेट अभिषेक भारद्वाज ने कहा कि पूर्व सरपंच सुरिंदर सिंह राणा को राजनीतिक रंजिश के चलते मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अदालत ने फिलहाल उन्हें अंतरिम अग्रिम जमानत की राहत दी है। एडवोकेट भारद्वाज ने कहा कि मामले में आगे की सुनवाई निर्धारित तारीख पर होगी । उन्होंने आगे कहा कि अदालत ने सुरिंदर सिंह राणा की गिरफ्तारी पर भी रोक लगा दी है। गौरतलब है कि अमरिंदर सिंह मंडोफल की शिकायत पर पुलिस ने मनविंदर कौर समेत छह लोगों के खिलाफ कथित धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोपों में मामला दर्ज किया है। नामजद आरोपियों में तरलोचन सिंह, वरिंदरजीत कौर, नरिंदर सिंह उर्फ गोल्डी, रूपिंदर कौर और सुरिंदर सिंह राणा भी शामिल हैं ।शिकायतकर्ता अमरिंदर सिंह मंडोफल का आरोप है कि मनविंदर कौर ने खुद को PCS अधिकारी, अविवाहित और कम उम्र की बताकर उनसे शादी की थी। शिकायत के मुताबिक, शादी के बाद जानकारी जुटाने पर महिला की कथित पिछली शादी और तलाक के बारे में पता चला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि महिला का करीब 18 वर्ष का बेटा है और उम्र कम दिखाने के लिए दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ की गई। इसके अलावा, शिकायत में महिला और उसके परिवार पर महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाने तथा शादी के बाद घर से कीमती जेवरात और अन्य सामान ले जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।









