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🛑विधानसभा उप-चुनाव का शेड्यूल जारी : जालंधर वैस्ट हलके के उपचुनाव हेतु 10 जुलाई को होगा मतदान, चुनाव संहिता आज से लागू
🛑जालंधर वैस्ट हल्के के विधानसभा उपचुनाव में वोटर निराश, पलटमारों को नकार रहे वोटर
🛑उम्मीदवार के तौर पर यह चेहरे आ सकते है सामने

जालंधर (विशेष रिपोर्ट) : लोकसभा चुनाव के नतीजों के तुरंत बाद भारतीय चुनाव आयोग ने हिमाचल, पंजाब सहित 7 राज्यों की 13 विधानसभा सीटों पर 10 जुलाई को उप-चुनाव की घोषणा कर दी है, जिसमें जालंधर की वैस्ट सीट पर भी विधानसभा उप-चुनाव की घोषणा हो गई है। हलांकि पंजाब में 4 अन्य विधानसभा सीटों पर उप-चुनावों का ऐलान न होनें पर पंजाब के राजनीतिक क्षेत्रों में असमंजस की स्थिति बन गई है l बहरहाल साल 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में जालंधर वैस्ट सीट पर आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार शीतल अंगुराल (अब भाजपा) ने जीत दर्ज की थी। लेकिन लोकसभा चुनावो की घोषणा के बाद ही अंगुराल के इस्तीफे के बाद उक्त सीट पर उप-चुनाव होना था। लेकिन लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस बार पंजाब में आप पार्टी को बड़ा झटका लगा है। पंजाब विधानसभा में कुल 117 विधानसभा क्षेत्र हैं। पंजाब विधानसभा का पिछला चुनाव मार्च 2022 में हुआ था। उक्त चुनाव में आप को 92 और कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। जबकि 7 सीटें अन्य दलों के खाते में गई थीं। विधानसभा चुनाव में आप की ऐसी लहर चली कि आप ने 92 सीटें जीत लीं। कई ऐसे उम्मीदवार जीते जिन्हें कोई राजनीतिक अनुभव ही नहीं था। मगर लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी पंजाब में सिर्फ 33 विधानसभा सीटों पर ही बढ़त बना सकी। यह आंकड़े 2022 में हुए विधानसभा चुनाव के मुकाबले चौंकाने वाले हैं क्योकि आप पार्टी को लोकसभा चुनाव में करीब 59 सीटों का घाटा लगा है। बता दें कि 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP का वोट शेयर 42% के करीब था, जो इस लोकसभा चुनाव में करीब 26% रह गया है। भाजपा के अकाली दल से अलग होकर चुनाव लड़ने पर आप पार्टी और कांग्रेस दोनों को इसका नुकसान हुआ है। जालंधर वैस्ट हलके में आम आदमी पार्टी के विधायक शीतल अंगुराल थे। मगर लोकसभा चुनाव से पहले अंगुराल ने बीजेपी जॉइंन कर ली थी और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। लोकसभा चुनाव में वैस्ट हलके में भाजपा को 42,827 वोट मिले। वहीं कांग्रेस को वैस्ट हलके से करीब 44,394 वोट मिले। भाजपा के लोकसभा उम्मीदवार सुशील कुमार रिंकू और पूर्व विधायक शीतल अंगुराल का गृह क्षेत्र ही वैस्ट हलका है। दोनों बीजेपी में हैं, मगर फिर भी अपने गृह हलके से करीब साढ़े 1,567 वोटों से पीछे रहे, जिससे साफ़ है कि वोटरों ने पलटमारो को सिरे से नकारा है। वही वैस्ट हल्के में मिली बढ़त का लाभ जालंधर से कांग्रेसी सांसद चरणजीत चन्नी अपने किसी परिवारिक मैंबर को पार्टी टिकट दिलवाने के रुप में ले सकते है जबकि अश्वनी जंगराल व श्रीमती सुरिन्दर कौर पर भी पार्टी बड़ा दाव खेल सकती है। जालंधर वैस्ट हलके से पिछले चुनाव में विधायकी जीतने वाली आम आदमी पार्टी पहले नंबर से खिसक कर तीसरे नंबर पर आ गई है। आप को जालंधर वैस्ट हलके से महज 15629 वोट पड़े थे। आप वैस्ट हलके में कांग्रेस से करीब 27 हजार 765 वोट से पीछे रही। जालंधर लोकसभा सीट में 9 विधानसभा हलके हैं, आप पार्टी किसी भी हलके में अपनी बढ़त नहीं बना सकी थी। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह जालंधर वैस्ट उप-चुनाव में मतदान उसी पार्टी के पक्ष की जाता दिखाई दे रहा है, जो अपनी पार्टी कैडर के उम्मीदवार को ही चुनावी मैदान में उतारेंगे क्योंकि पिछले लगभग एक वर्ष से वैस्ट हल्के के पार्षदों, विधायक से लेकर सांसद तक की पलटमारी ने वैस्ट के वोटरों में बेहद निराशा की स्थिति बना दी है, ऐसे में उनकी नजर बनी हुई है की कोई भी राजनीतिक दल यदि किसी पलटमार को टिकट देता है तो वह किसी सूरत में उसे स्वीकार नहीं करेंगे।

उम्मीदवार के तौर पर यह चेहरे आ सकते है सामने

जालंधर वैस्ट के कई राजनीतिक विश्लेषकों व पंडितों द्वारा जालंधर वैस्ट विधानसभा हलके पर होने वाले चुनावों में खड़े होने वाले उम्मीदवारों को लेकर कई बड़े क्यास लगाए जा रहे है। बताया जा रहा है कि जालंधर उप-चुनावों हेतु कांग्रेस से पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर सुरिंदर कौर ने भी दावा किया है। श्रीमती सुरिंदर कौर अपने वार्ड क्षेत्र से लगातार पांच बार निकाय चुनाव जीत चुकी है और वह पार्टी में प्रदेश महासचिव पद पर रहते हुए बखूबी से ज़िम्मेदारी निभा चुकी है। इसी के साथ वह वैस्ट विधानसभा क्षेत्र में लोकसभा चुनाव हेतु गठित कोर्डिनेशन कमेटी की प्रमुख सदस्य थी। पूर्व सांसद सुशील रिंकू के सबसे करीबी कहे जाने वाले कांग्रेसी नेता अश्वनी जंगराल भी जालंधर वैस्ट उप-चुनाव की टिकट के इच्छुक है। हालाँकि रिंकू के सांसद बनने के बाद मनमुटाव की वजह से जंगराल ने रिंकू से दूरी बना ली। सांसद चन्नी ने भी रिंकू का करीबी होने की वजह से जंगराल को वैस्ट क्षेत्र में मौका दिया। वही जंगराल को सुशील कुमार रिंकू के सभी ख़ुफ़िया भेद और चुनावी स्ट्रेटेजी का पता था, जिसका सीधा लाभ जंगराल ने सांसद चन्नी को दिया। वही जिला कांग्रेस के वरिष्ठ उप-प्रधान एवं निवर्तमान पार्षद पवन कुमार द्वारा भी टिकट के लिए दावा किया जा रहा है। हालाँकि सुशील रिंकू का सबसे बड़ा विरोधी पवन कुमार को माना जाता है। अगर भाजपा की बात करें तो जालंधर वैस्ट क्षेत्र से भाजपा के लिए शीतल अंगुराल प्रबल दावेदार है। मगर जालंधर वैस्ट के लोग दलबदलु नेताओं से खुश नहीं दिखयी दे रहे है, ऐसे में भाजपा अपने फैसले पर विचार कर सकती है। वही भाजपा से उप-चुनाव के लिए पूर्व सांसद सुशील रिंकू की पत्नी सुनीता रिंकू के नाम पर भी चर्चाएं चल रही है। हालाँकि सुनीता रिंकू ने इस सीट पर अपनी दावेदारी पेश नहीं की है। भाजपा द्वारा पूर्व विधायक अविनाश चंद्र को भी मौका दिया जा सकता है। अगर आम आदमी पार्टी की बात करें तो पूर्व विधायक मोहिंदर भगत, सिमरनजीत बंटी, रोबिन सांपला, स्टीवन कलेर इत्यादि के नाम पर चर्चाएं चल रही है। हालाँकि शिरोमणि अकाली दल और बसपा के लिए इस सीट पर उम्मीदवार तलाशना बड़ी चुनौती बना हुआ है। सूत्रों का कहना शिरोमणि अकाली दल एक बार फिर से मोहिंदर सिंह केपी पर बड़ा दांव खेल सकती है।

10 जुलाई को होगा मतदान, 13 जुलाई को नतीजों का किया जायेगा ऐलान

पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी सिबिन सी ने चुनाव कार्यक्रम के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जालंधर वैस्ट विधानसभा हल्के (एससी सीट) पर उप-चुनाव के लिए 10 जुलाई को मतदान होगा और 13 जुलाई को मतगणना के बाद नतीजों का ऐलान किया जायेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले सभी उम्मीदवारों द्वारा 21 जून तक नामांकन भरे जाने हैं। उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच 24 जून को होगी जबकि नामांकन पत्र वापस लेने की अंतिम तिथि 26 जून है। उपचुनाव की घोषणा के साथ ही आज से जालंधर वैस्ट हल्के में चुनाव संहिता लागू हो गई है जो 15 जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगी।

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