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🛑करारा झटका खालिस्तानियों को : कनाडा के स्कूल में 10 सितंबर को रेफरेंडम की परमिशन रद्द, विदेशों में भी दुत्कारने लगे लोग

जालंधर (योगेश सूरी) : सिक्ख फार जस्टिस के आंतकी गुरपतवंत सिंह पन्नू व खालिस्तान समर्थकों को अब विदेशों में भी बुरी तरह दुत्कारा जाने लगा है lकनाडा में बैठकर भारत विरोधी गतिविधियां चलाने वाले खालिस्तान समर्थकों को अब एक और करारा झटका लगा है। खालिस्तान समर्थकों द्वारा सरी शहर के पास तमनविस सेकेंडरी स्कूल का हॉल रेफरेंडम (जनमत संग्रह) करवाने के लिए किराए पर लिया था। लेकिन स्कूल प्रशासन ने खालिस्तानियों के पोस्टर और सोशल मीडिया पर आतंकियों की फोटो लगा कर किए जा रहे प्रचार के बाद अपना फैसला बदल लिया है।स्कूल प्रशासन ने खालिस्तान समर्थकों को 10 सितंबर को जो हॉल किराए पर देने का फैसला लिया था उसे रद्द कर दिया है। स्कूल के प्रबंधकों का कहना है कि खालिस्तान समर्थकों को सोशल मीडिया पर अपनी पोस्टें और आतंक को बढ़ावा देने वाले पोस्टर हटाने के लिए कहा था। लेकिन वह नहीं हटा पाए। इसलिए स्कूल प्रबंधन ने फैसला लिया है कि खालिस्तान समर्थकों को स्कूल का हॉल रेफरेंडम के लिए नहीं दिया जाएगा।हाल की बुकिंग रद्द होने के कारण 10 सिंतबर को जनमत संग्रह करवाने को लेकर पूरे कनाडा में पोस्टरबाजी करने वाले खालिस्तानी समर्थकों की कनाडा में खूब किरकिरी हुई है। दरअसल, खालिस्तानियों की संस्था सिख फॉर जस्टिस जिसे भारत का मोस्ट वांटेड आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू चलाता है ने रेफरेंडम को लेकर पोस्टर जारी किए थे। जिसमें AK-47 बंदूकों का प्रदर्शन किया गया और उन पर 1985 एयर इंडिया फ्लाइट-182 बम विस्फोट के मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार की फोटो भी लगाई हुई है।इन पोस्टरों को लेकर सरी के लोगों और 40 अलग-अलग संगठनों ने चिंता जाहिर की और तमनविस स्कूल डिस्ट्रिक्ट को इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग की, ताकि किसी भी स्थानीय स्कूल को आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए इस्तेमाल करने से रोका जा सके।

भारी विरोध के बाद बाद प्रबंधकों ने खालिस्तान समर्थकों के साथ किया गया एग्रीमेंट रद्द कर दिया।सरी स्कूल बोर्ड के एसोशिएट डायरेक्टर (संचार) रितिंदर मैथ्यू ने कहा कि सरी शहर और प्रांतीय सरकार दोनों के साथ 40 सामाजिक संगठनों द्वारा उठाई गई चिंताओं के बाद तमनविस सेकेंडरी स्कूल के न्यासी बोर्ड ने कार्यक्रम की अनुमति को रद्द कर दिया है। उन्होंने कहा की एक स्कूल के रूप में हमारा प्राथमिक मिशन हमारे छात्रों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा और उन्हें सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है। हमारी सुविधाओं को किराए पर लेने वाले किसी भी व्यक्ति को इसका पालन करना होगा।रितिंदर मैथ्यू ने कहा कि हमारा निर्णय किसी भी तरह से किसी भी राजनीतिक स्थिति का समर्थन या आलोचना नहीं है। स्कूल का हॉल एक ओन्टारियो निवासी ने “सामुदायिक कार्यक्रम” का हवाला देकर किराए पर लिया था। लेकिन जब उनके पोस्टरों पर आपत्ति आई और पोस्टर देखे गए तो कार्यक्रम का स्वरूप तो उन्हें कुछ और ही लगा जो कि स्कूल के नियमों के खिलाफ है।इंडो-कैनेडियन वर्कर्स एसोसिएशन (ICWA) ने भी कार्यक्रम को रद्द करने की मांग की थी। स्कूल बोर्ड को लिखे एक पत्र में, ICWA के मीडिया समन्वयक सतिंदर संघा ने जनमत संग्रह अभियान की विभाजनकारी प्रकृति के बारे में चिंता व्यक्त की थी और कहा था कि इससे भारत-कनाडाई समुदाय के सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचा है।“हम बहुत चिंतित हैं कि एक पब्लिक स्कूल का उपयोग किया जा रहा है। हथियारों वाले पोस्टर विभाजनकारी हैं। संघा ने लिखा था कि उनका मानना ​​है कि किसी भी सार्वजनिक संस्थान का उपयोग बाहरी राजनीतिक आयोजन के लिए नहीं किया जाना चाहिए।इससे पहले, मेयर ब्रेंडा लॉक ने सरी टॉक रेडियो के इवान स्कॉट के साथ एक साक्षात्कार के दौरान AK-47 को दर्शाने वाले पोस्टरों की कड़ी निंदा की थी, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि सरी स्कूल डिस्ट्रिक्ट अपने स्कूल परिसर का उपयोग कैसे करता है, इसमें सरी सिटी काउंसिल का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। .

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