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🔲बेअसर रही दुआएं ; बोरवेल ने आखिर ले ही ली मासूम ऋतिक की जान
🔲आवारा कुत्तों के भय व बोरवैल ने छीना मासूम, गांव से लेकर देशभर में शोक

होशियारपुर/जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : पंजाब में होशियारपुर जिले के गढ़दीवाला एरिया के बैरमपुर चंबोवाल गांव में रविवार सुबह बोरवेल में गिरे 6 वर्षीय ऋतिक की जिंदगी को बचाया नहीं जा सका । मिली जानकारी के अनुसार NDRF के जवानों ने करीब साढ़े 9 घंटे की मशक्कत के बाद उसे उस पाइप से बाहर निकाल लिया, जिसके 100 फीट नीचे ऋतिक फंसा था। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के डाक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। बता दे कि NDRF की टीम ने दोपहर करीब 2.30 बजे रेस्क्यू आपरेशन शुरु किया था। बताया जा रहा है कि जिस तकनीक से फतेहवीर को बाहर निकाला गया था, उसी से ऋतिक को बाहर निकाला गया। बताया जा रहा है कि रविवार सुबह 9.30 बजे ऋतिक कच्चे रास्ते के पास स्थित एक बोरवेल में गिर गया था। वह पाइप में करीब 100 फीट नीचे फंस गया था। शुरुआत में लोगों ने मिलकर बचाव कार्य शुरू किया लेकिन बाद में राष्ट्रीय आपदा मोचक बल (एनडीआरएफ) को बुला लिया गया। मामले की जानकारी मिलते ही क्षेत्र के विधायक जसवीर सिंह राजा, कैबिनेट मंत्री ब्रह्मशंकर जिंपा, डीसी संदीप हंस, डीएसपी गोपाल सिंह व अन्य उच्च अधिकारी मौके पर पहुँच गए । वही पंजाब के सीएम भगवंत मान ने भी फोन पर स्थिति की जानकारी ली थी । बता दे कि दुर्घटना के समय ऋतिक के माता-पिता बिमला देवी और राजिंदर खेतों में काम कर रहे थे। इस दौरान बच्चे के पीछे एक लावारिस कुत्ता दौड़ा। जिससे बचने के लिए भागकर ऋतिक नजदीक स्थित बोरवेल की पाइप पर चढ़ गया। बोरवेल की पाइप जमीन से 3 फुट ऊंची थी। जब ऋतिक बोरवेल पाइप पर चढ़ा तो कुत्ते के डर से कुछ समझ नहीं सका और सीधा बोरवेल के अंदर जा गिरा था। बच्चे के वजन से बोरी धीरे-धीरे इस गहराई तक पहुंची, जहां पानी मौजूद था। बोरवेल में ऋतिक के फंसे होने का पता लगाने के लिए लोगों ने रस्सा डाला। हालांकि उससे कोई अंदाजा नहीं लग पाया। इसके बाद लोगों ने जिला प्रशासन को सूचना दी। प्रशासन की ओर से बचाव कार्य शुरू किया गया। उन लोगों से भी संपर्क साधा गया जो बोरवेल में फंसे लोगों को निकालने में माहिर हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची समाजसेवी संस्थाओं ने तुरंत ऑक्सीजन के सिलेंडर मंगवाए और बोरवेल के भीतर ऑक्सीजन गैस छोड़ी ताकि बच्चे को सांस लेने में दिक्कत न हो। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि घटना के कुछ समय बाद तक बोरवेल से ऋतिक की आवाज आती रही। वह रो-रोकर मदद मांग रहा था। कुछ समय बाद आवाज आनी बंद हो गई। फिर उसे निकालने के लिए सेना ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीम के साथ मोर्चा संभाला। वहीं स्थानीय युवकों ने भी इसमें सहयोग किया। बच्चे को निकालने के लिए दो तरीके अपनाए गए थे। एक ओर जहां खेत में जेसीबी मशीनों से खुदाई शुरू की गई, वहीं बोरवेल में रस्सी की मदद से बच्चे तक पहुंचने का प्रयास किया गया। अंत में उसे रस्सी की मदद से ही बाहर निकाला गया। हालांकि किस तकनीक से बच्चे को बाहर निकाला जाए, इसका फैसला लेने में ही रेस्क्यू टीमों ने करीब तीन घंटे का समय बर्बाद कर दिया। ऋतिक को निकलने के लिए जालंधर से आर्मी इंजीनियरिंग विंग की टीम को भी बुलाया गया। बच्चे की स्थिति के बारे में पता लगाने के लिए बोरवेल में कैमरा डालकर देखा गया। उस समय ऋतिक बेहोश दिखा। होशियारपुर के डीसी संदीप हंस ने बताया कि पहले कैमरे में बच्चे को देखा गया। प्रयास किया कि बच्चे को सही सलामत बाहर निकाल लिया जाए। जब ऋतिक को बाहर निकला गया तो नाजुक हालत को देखते हुए बच्चे को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। लगातार कई घंटे तक पानी में रहने के कारण बच्चे के हाथ-पांव सफेद हो गए थे। वही आपको बता दे कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरवेल पर पक्का ढक्कन नहीं था, उसे बोरी से बांध रखा था। वही पहले भी फ़तेह जैसे मासूम बचें की भी इसी कारण मौत हुई थी। अब देखना होगा कि पंजाब सरकार इस मामले को कितनी गंभीरता से लेती।

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