BEPARDABREAKINGCHANDIGARHCRIMEDOABAINTERNATIONALMAJHAMALWANATIONALPOLITICSPUNJAB

⚫खालिस्तानी खेमें में मची हाहाकार ; अमृतपाल की जेल बंदी व पंजवड़, खंडा, रिंदा व निज्जर की मौतों नें नेस्तनाबूद किया खालिस्तानी NEXUS
⚫SFJ चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू अब निशाने पर, शीघ्र हो सकती है कार्रवाई

जालंधर (योगेश सूरी) : खालिस्तान समर्थकों द्वारा पंजाब में खालिस्तान का नेटवर्क दोबारा फैलाने का मंसूबा लगभग खत्म होता दिखाई देने लगा है l विदेशों में बैठकर पंजाब में खालिस्तान का तानाबाना बुन रहे बड़े खालिस्तान समर्थकों की एक के बाद एक हुई मौतों व पंजाब में गत एक वर्ष से खालिस्तान के प्रचार-प्रसार में जुटे अमृतपाल की गिरफ्तारी ने पंजाब में खालिस्तान को पुर्नजीवीत करने की सम्भावनाओं पर विराम लगा दिया है l बता दे की पंजाब पुलिस ने अमृतपाल को 23 मार्च को मोगा से गिरफ्तार कर डिब्रूगढ़ जेल में रासुका के अंतगर्त बंद कर रखा है l अमृतपाल की गिरफ्तारी के बाद के घटनाक्रमो में UK में अवतार सिंह खांडा की मौत और अब कट्टर खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हुई हत्या ने खालिस्तान समर्थकों के बड़े नेटवर्क को नेस्तनाबूद कर के रख दिया है। इस सारे घटनाक्रमों के बाद अब पहले से NIA के राडार पर चल रहे सिख फॉर जस्टिस के खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू पर शिकंजा कसने का रास्ता बिल्कुल साफ होता दिखाई देने लगा है क्योंकि कल कनाडा में सरेराह ढेर किए गए आंतकी निज्जर के गुरपतवंत सिंह पन्नू के काफी निकट सम्बंध रहे है । सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक NIA की तरफ से 54 आंतकियों की सूचि तैयार की गई है जिनमें 11 कट्टर खालिस्तानी आतंकी शामिल हैं। इन 11 आंतकियों में SFJ के गुरपतवंत सिंह पन्नू पर प्राथमिकता के आधार पर शिकंजा कसे जाने की कोशिश पहले से जारी है। जबकि पाकिस्तान में बैठे लखबीर सिंह रोडे, रणजीत सिंह नीता, भूपिंदर सिंह भिंदा, गुरमीत सिंह बग्गा, परमजीत सिंह पम्मा और अर्शदीप सिंह गिल व अर्श डल्ला का नाम भी इस सूची में शामिल है। वहीं, इस सूचि के चार नाम परमजीत सिंह पंजवार (KCF) , हरदीप सिंह निज्जर (KTF), और हरविंदर सिंह रिंदा मारे जा चुके हैं। खालिस्तानी गुटों में शीर्ष नेतृत्व को लेकर विदेशों में चल रही गुटबाजी और धड़ाधड़ हुई मौतों नें खालिस्तान समर्थकों की चूलें हिला कर रख दी है l बहरहाल रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि अब ‘सिख फॉर जस्टिस’ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को पकड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। सूत्रों के मुताबिक जहां कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ब्रिटेन पहुंची थी, वहीं भारत सरकार भी खालिस्तानी आतंक से कूटनीतिक तरीके से निपट रही है। भारत ने ऐसे आतंकी समूहों को समर्थन का मुद्दा कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में उठाया है। भारत ने भी ऐसे समूहों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!