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🛑खालिस्तानी पन्नू की नई करतूत:G20 बैठक से पहले दिल्ली के 5 मैट्रो स्टेशनों पर लिखवाए खालिस्तानी नारे, फिर अलापा खालिस्तान का राग
🛑पढ़े कौन है आंतकी पन्नू, देखे वीडीयो

जालंधर (योगेश सूरी) : दिल्ली में G20 बैठक को दो हफ्ते से भी कम वक्त बचा है। इस बीच रविवार को दिल्ली के 5 मेट्रो स्टेशनों पर खालिस्तानी नारे लिखे गए है जबकि दिल्ली में G20 बैठक को दो हफ्ते से भी कम वक्त बचा है। सिख फॉर जस्टिस चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक नया वीडियो जारी कर खालिस्तानी नारे लिखवाने की जिम्मेदारी ली है। उसने अपने वीडीयो में कहा है की ‘G-20 प्रगति मैदान’ की लड़ाई शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री मोदी और भारत निशाने पर हैं।’ बता दे की सिख फॉर जस्टिस (SFJ) अलगवादी सिक्खों का एक कुख्यात आंतकी संगठन है जो सिखों के लिए अलग खालिस्तान का राग अलापता रहता है l इसकी स्थापना 2007 में अमेरिका में की गई थी। गुरपतवंत सिंह पन्नू SFJ के संस्थापकों में से एक है। SFJ अपने अलगाववादी अभियान ‘रेफरेंडम 2020′ के तहत पंजाब को भारतीय से मुक्त कराने की बात करता है। SFJ ने अपने अगस्त 2018 में लंदन डिक्लेरेशन में भारत से अलग होने और पंजाब को एक स्वतंत्र देश के रूप में फिर से स्थापित करने के सवाल पर दुनिया भर में रहने वाले सिख समुदाय के बीच पहला जनमत संग्रह कराने की घोषणा की थी।SFJ ने नवंबर 2020 में जनमत संग्रह के लिए वोटिंग कराने की बात कही थी। पंजाब के साथ-साथ नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, केन्या और मध्य-पूर्वी देशों के प्रमुख शहरों में इसे आयोजित करने की योजना बनाई थी।’रेफरेंडम 2020’ नाम से बाकायदा एक वेबसाइट बनाई गई थी।

इसमें लिखा था- एक बार जब भारत से आजादी को लेकर पंजाबी लोगों के भीतर आम सहमति बन जाएगी तो हम पंजाब को एक देश के रूप में एस्टैब्लिश करने के लक्ष्य के साथ संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय निकायों से संपर्क करेंगे।2018 में पाकिस्तान ने वोटरों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा और सिखों को इसके बारे में जानकारी देने के लिए SFJ को लाहौर में ‘रेफरेंडम 2020’ के लिए ऑफिस खोलने की भी अनुमति दी थी।पंजाब पुलिस का दावा है कि SFJ और ‘रेफरेंडम 2020’ पाकिस्तान द्वारा समर्थित है। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक SFJ की वेबसाइटें कराची स्थित वेबसाइट के साथ अपना डोमेन साझा करती हैं।पन्नू ने खुद एक बयान जारी किया था, जिसमें उसने इमरान खान से ‘रेफरेंडम 2020’ का समर्थन करने का आह्वान किया था। इसमें उसने कहा था कि जो काम 1984 में नहीं कर सके, वो अब करिए।

बैन: 2019 में SFJ पर प्रतिबंध लगा, 2020 में पन्नू आतंकी घोषित

माना जाता है कि पन्नू ब्रिटेन में रह रहे बब्बर खालसा इंटरनेशनल के परमजीत सिंह पम्मा, कनाडा में रहने वाले KTF चीफ हरदीप सिंह निज्जर और इंटरनेशनल सिख यूथ फेडरेशन के मलकीत सिंह फौजी के संपर्क में है। केंद्र सरकार ने 2019 में अलगाववादी गतिविधियां चलाने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम यानी UAPA के तहत SFJ पर बैन लगाया।गृह मंत्रालय ने अपनी अधिसूचना में कहा कि सिखों के लिए रेफरेंडम की आड़ में SFJ पंजाब में अलगाववाद और उग्रवादी विचारधारा का समर्थन कर रहा है। साथ ही विदेशी धरती पर सुरक्षित ठिकानों से काम कर रहा है और दुश्मन देशों का उसे समर्थन मिल रहा है।पन्नू पर साल 2020 में अलगाववाद को बढ़ावा देने और पंजाबी सिख युवाओं को हथियार उठाने के लिए प्रोत्साहित करने का आरोप लगा। इसके बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2020 को पन्नू को UAPA के तहत आतंकी घोषित किया। 2020 में सरकार ने SFJ से जुड़े 40 से ज्यादा वेबपेज और यूट्यूब चैनलों को बैन किया।SJF चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल में खालिस्तान समर्थकों की हत्या के बाद एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने इन के लिए कनाडा और अमेरिका में भारतीय दूतावास के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया था।SJF चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने हाल में खालिस्तान समर्थकों की हत्या के बाद एक वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में उसने इन के लिए कनाडा और अमेरिका में भारतीय दूतावास के अफसरों को जिम्मेदार ठहराया था।

मोदी, मनमोहन और सोनिया के खिलाफ अमेरिका में मुकदमा दर्ज करा रखा है

पन्नू ने सिख फॉर जस्टिस के जरिए कई भारतीय नेताओं के खिलाफ विदेशों में अभियान चला रखा है। उसका दावा है कि ये नेता भारत में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े हैं। SFJ ने कांग्रेस नेताओं कमलनाथ, सोनिया गांधी और पूर्व PM मनमोहन सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए अमेरिकी अदालतों में याचिका लगाई है।सितंबर 2013 में उस वक्त के PM मनमोहन सिंह अमेरिका दौरे पर गए थे। इसी दौरान वॉशिंगटन की फेडरल कोर्ट ने SFJ की याचिका पर मनमोहन सिंह के खिलाफ समन जारी किया था।2016 में SFJ की ओर से दायर एक मामले के बाद पंजाब के तत्कालीन CM अमरिंदर सिंह को कनाडा का दौरा रद्द करना पड़ा था। पन्नू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अभिनेता अमिताभ बच्चन के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया है।

पन्नू के खिलाफ भारत में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज

SFJ और पन्नू के खिलाफ भारत में लगभग एक दर्जन मामले दर्ज हैं। इनमें पंजाब में राजद्रोह के तीन मामले भी हैं। पंजाब पुलिस द्वारा तैयार किए गए डोजियर में SFJ द्वारा सालों से सोशल मीडिया पर विभिन्न अलगाववादी पोस्टों को लिस्ट किया गया है।इन पोस्ट में SFJ ने पुलवामा हमले को आतंकवादी घटना मानने से इनकार किया है। साथ ही कश्मीरी अलगाववादियों का समर्थन करता दिखता है। जनवरी 2021 में किसान आंदोलन के बीच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने पन्नू के खिलाफ FIR दर्ज की थी।साथ ही फंडिंग के सोर्स को लेकर कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को समन जारी किया था। पन्नू सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। पंजाबी भाषा में ऑडियो और वीडियो संदेश जारी करता है। साथ ही सरकारी बिल्डिगों में खालिस्तान का झंडा फहराने पर 2 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा कर रखी है।तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के समय भी सिख फॉर जस्टिस का नाम सामने आया था। NIA ने दिसंबर 2020 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें किसान आंदोलन से जुड़े नेताओं के इस संगठन से कनेक्शन की बात सामने आई थी।

15 अगस्त को भी माहौल खराब करने के लिए लोगों को उकसाया था

इससे पहले आतंकी पन्नू ने 15 अगस्त को भी माहौल खराब करने का प्रयास किया था। पन्नू ने खालिस्तान का नाम लेकर सिखों को उकसाया और दिल्ली आने के लिए कहा था। सिर्फ सिखों को ही नहीं, जम्मू-कश्मीर के मुसलमानों को भी पन्नू ने दिल्ली में इकट्‌ठा होने की अपील की थी।29 अप्रैल 2022 को पटियाला में खालिस्तानी समर्थकों और शिवसेना के बीच झड़प हुई। इसमें 3 लोग घायल हुए। ये झड़प खालिस्तानी आतंकी और SFJ नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू के खालिस्तान स्थापना दिवस मनाने के ऐलान और शिवसेना द्वारा इसका विरोध करने के बाद हुई थी।29 अप्रैल 2022 को पंजाब के पटियाला में शिवसेना कार्यकर्ता और खालिस्तानी समर्थकों के बीच झड़प के बाद सड़क पर पड़े पत्थर। झड़प के दौरान दोनों ओर से खुलेआम तलवारें लहराई गईं और पत्थरबाजी हुई।29 अप्रैल 2022 को पंजाब के पटियाला में शिवसेना कार्यकर्ता और खालिस्तानी समर्थकों के बीच झड़प के बाद सड़क पर पड़े पत्थर। झड़प के दौरान दोनों ओर से खुलेआम तलवारें लहराई गईं और पत्थरबाजी बन खालिस्तानी गुट सिख फॉर जस्टिस का हाथ सामने आया।

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