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🕉️महाशिवरात्रि विशेष : पढ़े शुभ मुहूर्त कब, कौनसा करे जाप, किस राशि के जातक कैसे करे अभिषेक!!
🕉️कैसे होंगे भगवान शिव प्रसन्न, पढ़े महाशिवरात्रि पर न्यूज़ लिंकर्स की विशेष रिपोर्ट!!

जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का अलग ही महत्व है। देशभर में महाशिवरात्रि का महापर्व 1 मार्च दिन मंगलवार को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे हर साल महाशिवरात्रि के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन शिवजी के भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी आराधना करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं। इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गई शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। शिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है। इस पावन अवसर पर रुद्राभिषेक का भी खास महत्व माना गया है। जिसकी तैयारियां पूरे जोरों-शोरों पर चल रही है। शिवरात्रि पर भगवान शिव की चार पहर पूजा की जाती है। ऐसा कहा जाता है कि अलग-अलग पहर में भगवान शिव की पूजा से भगवान प्रसन्न होते हैं। शिवरात्रि को रात्रि के चारों पहरों में पृथक पूजन का भी विशेष विधान है: प्रथम पहर में दूध से स्नान तथा ‘ॐ ह्रीं ईशानाय नम:’ का जाप करें। द्वितीय पहर में दधि स्नान करके ‘ॐ ह्रीं अघोराय नम:’ का जाप करें। तृतीय पहर में घृत स्नान एवं मंत्र ‘ॐ ह्रीं वामदेवाय नम:’ का जाप करें। चतुर्थ पहर में मधु स्नान एवं ‘ॐ ह्रीं सद्योजाताय नम:’ मंत्र का जाप करें।

महाशिवरात्रि 2022 शुभ मुहूर्त :-

पूजा का शुभ मुहूर्त  : 1 मार्च की शाम 06 बजकर 22 मिनट से शुरू होकर मध्यरात्रि 12 बजकर 33 मिनट तक।
महाशिवरात्रि पहले पहर की पूजा : 1 मार्च 2022 को शाम 6:21 से रात्रि 9:27 तक।
महाशिवरात्रि दूसरे पहर की पूजा : 1 मार्च को रात्रि 9:27 से 12:33 तक।
महाशिवरात्रि तीसरे पहर की पूजा : 2 मार्च को रात्रि 12:33 से सुबह 3:39 तक।
महाशिवरात्रि चौथे पहर की पूजा : 2 मार्च 2022 को सुबह 3:39 से 6:45 तक।
महाशिवरात्रि तिथि : हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व 01 मार्च, मंगलवार को है। चतुर्दशी तिथि मंगलवार की सुबह 03 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 02 मार्च, बुधवार को सुबह करीब 10 बजे तक रहेगी।
महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त : जो भक्त महाशिवरात्रि का व्रत 01 मार्च को रखेंगे, उनको व्रत का पारण 02 मार्च को प्रात: 06:45 बजे करना होगा।

महाशविरात्रि वाले दिन करें महामृत्युंजय मंत्र का जप

ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूं हौं ॐ । महामृत्युंजय मंत्र का जप आपको हर मुश्किल से दूर रखता है।

ऐसे होंगे भगवान खुश

महाशिवरात्रि भगवान शिव की पूजा अर्चना करने और उन्हें प्रसन्न करने का सबसे अच्छा और पवित्र दिन होता है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ का माता पार्वती के साथ विवाह हुआ था। इस दिन महाकाल की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। आप इस मौके पर भोले बाबा को बेलपत्र और भांग धतूरा अर्पित कर के शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। उन्हें यह बहुत प्रिय है। वैसे तो भोले नाथ अपने नाम की तरह की बहुत भोले हैं और भक्तों की निश्चल मन से की गई भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन अगर आप इस शिवरात्रि उनकी खास पूजा करने वाले हैं तो अपने वस्त्रों के चयन पर भी विशेष ध्यान दें। शिवरात्रि के पावन मौके पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए, इसमें से एक वस्त्र है। पूजा के समय वस्त्र के रंग और ढंग का खास ख्याल रखें। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विधान है। मान्यता है कि धन संपत्ति में बढ़ोत्तरी के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शहद और घी से भी रुद्राभिषेक करना शुभ फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इससे आर्थिक परेशानियों से मु्क्ति मिलती है। इसके अलावा दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से रुद्राभिषेक करने से धन लाभ की मान्यता है।

महाशिवरात्रि महोत्सव पर अपनी राशि के मुताबिक यह करें उपाय

मेष राशि : मेष राशि का स्वामी मंगल हैं। पूजा के समय नागेश्वराय नम: मंत्र का जाप करने से लाभ मिलता है। महाशिवरात्रि पर लाल चंदन व लाल रंग के पुष्प, आंकड़े का पुष्प यदि भगवान भोलेनाथ को अर्पित करें तो यह बहुत ही पुण्य फलदायी रहता है। मेष राशि के जातक इस महाशिवरात्रि में भगवान शिव जी की विशेष कृपा के प्राप्ति के लिए गंगाजल में चीनी और गुड़ मिलाकर शिवलिंग में चढ़ा सकते हैं। इसी के साथ आप शिव पंचाक्षर मंत्र ॐ नमः शिवाय का 108 बार जाप भी कर सकते हैं।

वृषभ राशि : वृषभ राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं। सफेद रंग आपके लिए शुभ है। शिव रुद्राष्टक का पाठ भी करना चाहिए। वृषभ राशि के जातकों को भगवान शिव की पूजा चमेली के फूलों से करनी चाहिए। वृषभ राशि जातक महाशिवरात्रि के दिन दूध और दही से शिवलिंग का अभिषेक कर सकते हैं। ऐसा करने पर भगवान शिव जी की कृपा बनी रहेंगी वहीं संभावनाएं हैं कि नौकरी की तलाश में है तो जल्द नौकरी की भी प्राप्ति होगी।

मिथुन राशि : मिथुन राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं। पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय का जाप करना भी आपके लिए लाभकारी रहेगा। मिथुन जातक भगवान शिव को तीन बेलपत्र, धतूरा, भांग अर्पित कर सकते हैं। मिथुन राशि के जातक गंगाजल को शिवलिंग में अभिषेक करें साथ ही धतूरे के पत्ते को भी अर्पित कर सकते हैं।

कर्क राशि : कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं, जिन्हें भगवान शिव ने अपनी जटाओं में धारण कर रखा है। रूद्रष्टाध्यायी का पाठ आपके कष्टों का हरण करने वाला हो सकता है। कर्क राशि के जातक शिवलिंग का अभिषेक भांग मिश्रित दूध, चावल व चंदन से करना चाहिए। कर्क राशि के लोग दूध में गुड़ और मिश्री मिलाकर भगवान शिवजी में चढ़ाएं। ऐसा करने से संभावना है कि आपके जीवन में आने वाले कष्ट को भगवान शिव दूर कर देंगें।

सिंह राशि : सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं। यह पूजन आपके लिए अति लाभकारी सिद्ध हो सकती है। इन जातकों को कनेर के लाल रंग के पुष्प चढ़ाने चाहिए। इसके साथ ही घी का दीपक जलाएं, शिव चालीसा का पाठ करें। सिंह राशि के लोग जल में चन्दन को मिलाकर शिवलिंग में अभिषेक करें। ऐसा करने से आपकी मनोकामनएं पूरी होंगी और संभावना है कि नौकरी कि तलाश में हैं तो ये परेशानियां भी दूर हो जाएंगी।

कन्या राशि : कन्या राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं। पंचाक्षरी मंत्र का जाप आपकी मनोकामनाओं को पूरी कर सकता है। कन्या जातकों को पूजा में बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि सामग्री शिवलिंग पर अर्पित करना चाहिए। कन्या राशि के लोग हरी दूर्वा और भांग को मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। भगवान शिव आपकी मोकामनाओं की पूर्ती करेंगें और रोगों से भी आपको मुक्ति मिलेगी।

तुला राशि : तुला राशि के स्वामी शुक्र माने जाते हैं। इस दिन रूद्राष्टक का पाठ करने से आपकी राशि के अनुसार सौभाग्यशाली परिणाम मिलने लगते हैं। माखन मिश्री युक्त दूध से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही शिव के सहस्रनामों का जाप करें। तुला राशि के जातक महाशिवरात्रि के दिन गुलाब के इत्र और घी से शिवलिंग का अभिषेक करें। भगवान शिव आपकी मनोकामनाएं भी पूरी करेगा और साथ में सुख-समृद्धि का आगमन होने कि भी संभावनाएं हैं।

वृश्चिक राशि : वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल हैं। भोलेनाथ की पूजा आपको गुलाब के फूलों व बिल्वपत्र की जड़ से करनी चाहिए। वृश्चिक राशि के जातक शिवरात्रि के दिन जल में गुड़ और शक्कर मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। ऐसा करने पर आपके परिवार में खुशहाली लंबे समय तक बनी रहेगी।

धनु राशि : बृहस्पति को धनु राशि का स्वामी माना जाता है। पार्वतीनाथाय नम: का जाप भी करना चाहिए। इन्हें पीला रंग प्रिय होता है। शिव की पूजा पीले रंग के फूलों से करनी चाहिए। प्रसाद के रूप में खीर का भोग लगाना चाहिए। आपके लिए शिवाष्टक का पाठ कष्टों का नाश करने वाला है। धनु राशि के जातक दूध में गुड़ मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। संभावना है नौकरी की तलाश में हैं जो जल्द मिलेगी और सैलरी की बढ़ोतरी में भी संभावना है।

मकर राशि : मकर शनि की राशि मानी जाती है। धतूरा, भांग, अष्टगंधा आदि से भगवान शिव की पूजा आपके लिए जीवन में शांति और समृद्धि लाने वाली होगी। मकर राशि के लोग तिल के तेल से शिवलिंग का अभिषेक करें, साथ ही बेलपत्र भी भगवान शिव जी को अर्पित करें। ऐसा करने पर भगवान शिव जी आपकी हर मनोकामनाओं को पूरी करेंगें।

कुंभ राशि : कुंभ राशि के स्वामी भी शनि ही हैं। कुंभ जातकों को गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही धन लाभ पाने के लिए शिवाष्टक का पाठ आपको करना चाहिए। कुंभ राशि के जातक पंचमृत से शिवलिंग का अभिषेक करें और भगवान शिव को धतूरा के साथ बेलपत्र भी चढ़ाएं।

मीन राशि : मीन राशि के स्वामी बृहस्पति हैं। पंचाक्षरी मंत्र ओम नम: शिवाय का चंदन की माला से 108 बार जाप करना चाहिए। मीन जातकों को पंचामृत, दही, दूध एवं पीले रंग के फूल शिवलिंग पर अर्पित करने चाहिए। मीन राशि के जातक दूध के साथ हल्दी और केसर को मिलाकर शिवलिंग का भिषेक करें। ऐसा करने से शिव जी की कृपा भी आपको मिलेगी और हर कार्य में सफलता की प्राप्ति होगी।

महाशिवरात्रि महोत्सव पर क्या करें और क्या ना करें ??

इस दिन शिवजी की पूजा और अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा शुभ काल के दौरान करना चाहिए। भगवान शिव की पूजा करते वक्त बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। आईये जानते महाशिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या न करें-

महाशिवरात्रि के दिन क्या करें?

1. महाशिवरात्रि के दिन व्रत करें।
2 . सुबह जल्दी उठकर स्नान करे और साफ़ सुथरे कपडे पहने।
3. शुभ काल में मंदिर जाकर महादेव को जल और दूध अर्पण करें।
4. इस दिन शिव जी का ध्यान कर ओम नमः शिवाय का जाप करें।
5. इस दिन भोजन ग्रहण नहीं करते है। इस लिए अगर आप ने व्रत किया हैं तो सिर्फ दूध और केले का सेवन कर सकते है। और अगर हो सके तो पूरा दिन सिर्फ फल खाये और दूसरा दिन व्रत छोड़े। अगर अगर आप से नहीं हो पाए तो एक समय आप भोजन कर सकते हैं।

महाशिवरात्रि क्या ना करें?

1. महाशिवरात्रि के दिन मास या मदिरा नहीं लेना या खाना चाहिए।
2 . महाशिवरात्रि के दिन देर तक सोना नहीं चाहिए।
3. महाशिवरात्रि के दिन दाल, चावल या गेहू से बने नहीं खाये। इस दिन आप सिर्फ फल, दूध, चाय और कॉफ़ी ले सकते है।
4. अगर आप शिवजी को प्रसन्ना करना चाहते हैं तो इस दिन काले कपडे नहीं पहने।
5. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिवजी को चढ़ाया हुआ प्रसाद नहीं खाना चाहिए।
6 इस दौरान 5 प्रकार के कार्यों को वर्जित माना जाता है, जिन्हें छोड़कर शेष कार्यों को किया जा सकता है। लकड़ी को एकत्र करना, पंलग खरीद कर घर पर लाना या उसका निर्माण कराना, घर की छत का निर्माण कराना और दक्षिण दिशा की यात्रा करना अशुभ होता है।

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