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♦महाशिवरात्रि स्पैशल 2024 : ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा से जानें कैसे करे भगवान शिव को प्रसन्न, कौन से मुहूर्त में करे शिव पूजन व जानें पूजन की विधि
♦सेवक धूप फैक्ट्री जग्गू चौंक में भक्तों की भीड़, बनारस के डमरू, अलीगढ़ के त्रिशूल, मुरादाबाद के तांबे के नाग, राजस्थान के शिवलिंग व शिव परिवार वस्त्र बने आकर्षण का केन्द्र : ऋषि शर्मा

जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है। देशभर में महाशिवरात्रि का महापर्व 8 मार्च दिन शुक्रवार को बड़ी धूम-धाम से मनाया जाएगा।

ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा

इस अवसर पर सेवक धूप फैक्ट्री, जग्गू चौंक के संचालक व जालंधर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने न्यूज़ लिंकर्स के पाठकों को महाशिवरात्रि पर्व की महत्वता, शुभ मुहूर्त, भगवान शिव की पूजा इत्यादि बारे विशेष जानकारी दी है। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती का विवाह हुआ था, जिसे हर साल महाशिवरात्रि के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि इस दिन शिवजी के भक्त श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखते हैं और विधि-विधान से उनकी आराधना करते हैं। श्री प्रिंस ने बताया कि मान्यता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ पृथ्वी पर मौजूद सभी शिवलिंग में विराजमान होते हैं, इसलिए महाशिवरात्रि के दिन की गई शिव की उपासना से कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि शिवरात्रि के दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा का विधान है। इस पावन अवसर पर रुद्राभिषेक का भी खास महत्व माना गया है, जिसकी तैयारियां पूरे जोरों-शोरों पर चल रही है। उन्होंने बताया कि शिवरात्रि पर भगवान शिव की चार पहर पूजा की जाती है, ऐसा कहा जाता है कि अलग-अलग पहर में भगवान शिव की पूजा से भगवान प्रसन्न होते हैं। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि शिवरात्रि को रात्रि के चारों पहरों में पृथक पूजन का भी विशेष विधान है: प्रथम पहर में दूध से स्नान तथा ‘ॐ ह्रीं ईशानाय नम:’ का जाप करें, द्वितीय पहर में दधि स्नान करके ‘ॐ ह्रीं अघोराय नम:’ का जाप करें और तृतीय पहर में घृत स्नान एवं मंत्र ‘ॐ ह्रीं वामदेवाय नम:’ का जाप करें तथा चतुर्थ पहर में मधु स्नान एवं ‘ॐ ह्रीं सद्योजाताय नम:’ मंत्र का जाप करें।

महाशिवरात्रि 2024 शुभ मुहूर्त

ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा के मुताबिक महाशिवरात्रि पर्व पर सभी भक्तों को शुभ मुहूर्त के अनुसार ही पूजन करना चाहिए। पढ़ें शुभ मुहूर्त :-

  • महाशिवरात्रि तिथि : हिन्दू पंचांग के मुताबिक फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 08 मार्च को रात में 09 बजकर 58 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 09 मार्च को शाम को 06 बजकर 18 मिनट पर तिथि का समापन होगा।
  • महाशिवरात्रि निशीथ काल पूजा मुहूर्त : 09 मार्च मध्यरात्रि 12 : 05 बजे से मध्यरात्रि 01 : 02 बजे तक।
  • महाशिवरात्रि पहले पहर की पूजा : 08 मार्च को शाम 06 : 26 बजे से रात्रि 09 : 32 बजे तक।
  • महाशिवरात्रि दूसरे पहर की पूजा : 08 मार्च रात्रि 09 : 32 बजे से 09 मार्च मध्य रात्रि 12 : 37 बजे तक।
  • महाशिवरात्रि तीसरे पहर की पूजा : 09 मार्च मध्य रात्रि 12 : 37 बजे से तड़के प्रात: 03 : 43 बजे तक।
  • महाशिवरात्रि चौथे पहर की पूजा : 09 मार्च तड़के प्रात: 03 : 43 बजे से सुबह 6 : 48 बजे तक।
  • महाशिवरात्रि पारणा मुहूर्त : 09 मार्च सुबह 06 : 48 बजे से शाम 06 : 18 बजे तक।

महाशिवरात्रि पर्व को लेकर सेवक धूप फैक्ट्री जग्गू चौंक में लगी रौनके, ज़ोरो शोरो से श्रद्धालु कर रहे खरीददारी

सेवक धूप फैक्ट्री, जग्गू चौंक के संचालक प्रिंस शर्मा व ऋषि शर्मा

महाशिवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में महानगर में रौनके लगी हुई है। शहर की सबसे पुरानी एवं प्रसिद्ध दुकान सेवक धूप फैक्ट्री, जग्गू चौक में श्रद्धालुओं द्वारा जोरो-शोरो से खरीददारी की जा रही है। इस सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए सेवक धूप फैक्ट्री के संचालक ऋषि शर्मा व प्रिंस शर्मा ने बताया कि भगवान शिव परिवार की मूर्तियां और दुर्लभ शिवलिंग भक्तों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। उन्होंने ने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व को ध्यान में रखते हुए उनकी दुकान पर एक ही छत के नीचे पूजा-अर्चना में प्रयोग में लाया जाने वाला शिवलिंग, शिव परिवार, नाग एवं हर प्रकार की पूजन सामग्री उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि भगवान शिवभक्त दिल खोलकर भोले बाबा जी के वस्त्र , माता पार्वती जी के श्रृंगार के सामान, पीतल की घंटी, डमरू, रुद्राक्ष की माला, नादेश्वर शिवलिंग, पीतल व तांबे के नाग, त्रिशूल, शिव परिवार की पीतल की मूर्तियां इत्यादि सामान की खरीदारी कर रहे है। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के पर्व को ध्यान में रखते हुए भक्तजनों के लिए खासतौर पर पूजन किट तैयार की गई है। श्री ऋषि शर्मा व श्री प्रिंस शर्मा ने बताया कि शिवभक्तों के लिए स्पेशल बनारस में तैयार किए जाने वाले डमरू, अलीगढ़ के त्रिशूल, मुरादाबाद के बने तांबे के नाग, राजस्थान के शिवलिंग मंगवाए गए है। इस अवसर पर श्री ऋषि शर्मा व श्री प्रिंस शर्मा ने सभी शहरवासियों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिवभक्तों को पूजन के सामान पर बड़ी छूट दी जा रही है और साथ ही पूजन का सामान थोक रेट पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।

महाशिवरात्रि वाले दिन करें महामृत्युंजय मंत्र का जप

ॐ हौं जूं स: ॐ भूर्भुव: स्व: ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्व: भुव: भू: ॐ स: जूं हौं ॐ । महामृत्युंजय मंत्र का जप आपको हर मुश्किल से दूर रखता है।

ऐसे होंगे भगवान खुश

ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा बताते है कि महाशिवरात्रि भगवान शिव की पूजा अर्चना करने और उन्हें प्रसन्न करने का सबसे अच्छा और पवित्र दिन होता है तथा महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ का माता पार्वती के साथ विवाह हुआ था। उन्होंने कहा कि इस दिन महाकाल की आराधना करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि आप इस पावन पर्व पर भोले बाबा को बेलपत्र और भांग धतूरा अर्पित कर के शिवलिंग का जलाभिषेक करते है, उन्हें यह बहुत प्रिय है। उन्होंने कहा कि वैसे तो भोले नाथ अपने नाम की तरह की बहुत भोले हैं और भक्तों की निश्चल मन से की गई भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं लेकिन अगर आप इस शिवरात्रि उनकी खास पूजा करने वाले हैं तो अपने वस्त्रों के चयन पर भी विशेष ध्यान दें। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि शिवरात्रि के पावन मौके पर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कुछ खास बातों का विशेष ध्यान देना चाहिए, इसमें से एक वस्त्र है। उन्होंने कहा कि पूजा के समय वस्त्र के रंग और ढंग का खास ख्याल रखें और इस दिन भगवान शिव के रुद्राभिषेक का विधान है और मान्यता है कि धन संपत्ति में बढ़ोत्तरी के लिए गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा शहद और घी से भी रुद्राभिषेक करना शुभ फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इससे आर्थिक परेशानियों से मु्क्ति मिलती है। इसके अलावा दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से रुद्राभिषेक करने से धन लाभ की मान्यता है।

महाशिवरात्रि महोत्सव पर क्या करें और क्या ना करें ??

ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताया कि इस दिन शिवजी की पूजा और अर्चना करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा शुभ काल के दौरान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की पूजा करते वक्त बिल्वपत्र, शहद, दूध, दही, शक्कर और गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए। ज्योतिषाचार्य प्रिंस शर्मा ने बताते है कि महाशिवरात्रि के दिन क्या करें और क्या न करें-

  • महाशिवरात्रि के दिन क्या करें?
    1. महाशिवरात्रि के दिन व्रत करें।
    2 . सुबह जल्दी उठकर स्नान करे और साफ़ सुथरे कपडे पहने।
    3. शुभ काल में मंदिर जाकर महादेव को जल और दूध अर्पण करें।
    4. इस दिन शिव जी का ध्यान कर ओम नमः शिवाय का जाप करें।
    5. इस दिन भोजन ग्रहण नहीं करते है। इस लिए अगर आप ने व्रत किया हैं तो सिर्फ दूध और केले का सेवन कर सकते है। और अगर हो सके तो पूरा दिन सिर्फ फल खाये और दूसरा दिन व्रत छोड़े। अगर अगर आप से नहीं हो पाए तो एक समय आप भोजन कर सकते हैं।
  • महाशिवरात्रि क्या ना करें?
    1. महाशिवरात्रि के दिन मास या मदिरा नहीं लेना या खाना चाहिए।
    2 . महाशिवरात्रि के दिन देर तक सोना नहीं चाहिए।
    3. महाशिवरात्रि के दिन दाल, चावल या गेहू से बने नहीं खाये। इस दिन आप सिर्फ फल, दूध, चाय और कॉफ़ी ले सकते है।
    4. अगर आप शिवजी को प्रसन्ना करना चाहते हैं तो इस दिन काले कपडे नहीं पहने।
    5. कहा जाता है कि इस दिन भगवान शिवजी को चढ़ाया हुआ प्रसाद नहीं खाना चाहिए।
    6 इस दौरान 5 प्रकार के कार्यों को वर्जित माना जाता है, जिन्हें छोड़कर शेष कार्यों को किया जा सकता है। लकड़ी को एकत्र करना, पंलग खरीद कर घर पर लाना या उसका निर्माण कराना, घर की छत का निर्माण कराना और दक्षिण दिशा की यात्रा करना अशुभ होता है।

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