राजनीति जंग का मैदान नहीं, लोकतंत्र का मूल स्तंभ है : डा. संजीव शर्मा
जालंधर (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता डा. संजीव शर्मा ने पार्टी की नीतियों और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम पर गंभीर सवाल उठाए हैं। डा. शर्मा ने कहा कि जब राज्यसभा के लिए सांसदों को नामित किया गया था, तब पार्टी के कई टकसाली नेताओं ने इसका विरोध किया था क्योंकि टकसाली नेताओं के अनुसार राघव चड्डा, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी सहित कई नाम दिल्ली से जुड़े हुए है, जबकि अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता उद्योगपति चेहरों के रूप में जाने जाते हैं। डा. संजीव शर्मा ने आरोप लगाया कि पार्टी ने फंड एकत्रित करने के उद्देश्य से इन चेहरों का उपयोग किया, जबकि पंजाब में योग्य और बुद्धिजीवी व्यक्तियों की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में भेजे गए कुल सांसदों में आधे से अधिक दिल्ली-आधारित व्यक्तियों को स्थान देना पंजाब की अनदेखी को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि असल में आप पार्टी ने पंजाबियों और अपनी पार्टी के वर्करों के साथ धोखा किया है। डा. संजीव शर्मा ने आगे कहा कि राजनीति किसी जंग का मैदान नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को टकराव और व्यक्तिगत हमलों से ऊपर उठकर जनहित, संवाद और पारदर्शिता को प्राथमिकता देनी चाहिए, तभी लोकतंत्र की मूल भावना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा कि कल हुए इस घटनाक्रम का सबसे अधिक प्रभाव जालंधर में देखने को मिलेगा, क्योंकि इन नेताओं के करीबी सहयोगी यहीं सक्रिय हैं। डा. शर्मा का दावा है कि आने वाले समय में और भी असंतुष्ट चेहरे सामने आ सकते हैं, जो राजनीतिक समीकरणों को बदल सकते हैं। पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डा. संजीव शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा वॉलंटियर्स के प्रति “USE AND THROW” नीति अपनाई जाती है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को आज ‘गद्दार’ कहा जा रहा है, वे भी इस नीति और शीर्ष नेतृत्व की कार्यशैली से भली-भांति परिचित रहे हैं। डा. शर्मा ने यह भी कहा कि पार्टी के भीतर अभी भी स्पष्ट संवाद की कमी है और महत्वपूर्ण निर्णयों में व्यापक सलाह-मशविरा नहीं किया जाता, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर फैसले अधिक लिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि क्रिकेटर हरभजन सिंह भज्जी को भी लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, जिसके कारण उन्हें यह सख्त कदम उठाना पड़ गया । डा. संजीव शर्मा ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनावों 2027 में पंजाब के लोग आप पार्टी को दरकिनार करके अन्य किसी रिवायती पार्टी को सत्ता में ला सकते है ।










