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🔰 स्टार क्रिकेटर स्व. हरजिंदर सिंह हैरी की आत्मिक शांति के लिए भोग व अंतिम अरदास 30 अक्तूबर (रविवार) को
🔰 दोपहर 12:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक गुरुद्वारा निर्मल कुटिया, लाडोवाली रोड जालंधर में सम्पन्न होगी अंतिम रस्में

जालंधर (हितेश सूरी) : जालंधर डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के जॉइंट सेक्रेटरी व हैड कोच हरजिंदर सिंह हैरी का 21 अक्टूबर को अकस्माक निधन हो गया था। 62 वर्षीया हैरी का अंतिम संस्कार 23 अक्टूबर को बीएसफ चौक स्थित शमशानघाट में हजारों भावपूर्ण आंखों की उपस्थिति में सम्पन्न किया गया । श्री हैरी के अकस्मात निधन की दुखद खबर सुनते ही समस्त परिवार को सांत्वना देने के लिए महानगर ही नई अपितु देशभर से शहर के विभिन्न धार्मिक , सामाजिक व राजनितिक वर्ग से जुड़े लोग उनके निवास स्थान 47 अर्जुन नगर पर पहुँचकर उनके परिवार के प्रति गहरा शोक व्यक्त कर रहे है।

क्रिकेटर हरभजन सिंह, युवराज सिंह, गेंदबाज़ जसप्रीत बुमराह के साथ श्री हरजिंदर सिंह हैरी तथा क्रिकेट जगत मे बिताए स्व. हैरी के कुछ यादगर पल ।

जहांतक की क्रिकेट में अपना नाम देश-विदेश में बना चुके श्री हैरी को ओडिशा में पंजाब के हुए एक मैच दौरान क्रिकेटरों द्वारा दो मिंट का मौन व्रत रखा गया। स्व. हरजिंदर सिंह हैरी की आत्मिक शांति के लिए भोग व अंतिम अरदास 30 दिन रविवार को दोपहर 12 :30 बजे से दोपहर 1 : 30 बजे तक गुरुद्वारा निर्मल कुटिया, लाडोवाली रोड, जालंधर में होगी।

जीवन परिचय :

क्रिकेट जगत मे बिताए स्व. हरजिंदर सिंह हैरी के कुछ यादगर पल ।

क्रिकेट को जीवन के 36 साल समर्पित करने वाले हरजिंदर सिंह हैरी का जन्म 27 अप्रैल, 1960 को जालंधर मे पूरन सिंह और मोहिंदर कौर के घर हुआ। श्री हैरी ने दोआबा खालसा सीनियर सैकेंडरी स्कूल से दसवीं की पढ़ाई पूरी की तथा खालसा कॉलेज से बी.एस.सी. मैडीकल सैकेंड ईयर तक और डी.ए.वी. कालेज से फाइनल ईयर की पढ़ाई की थी। बता दे कि हरजिंदर सिंह हैरी एक ऐसे खिलाड़ी थे जिन्होंने बचपन से खेलने के लिए हॉकी स्टिक पकड़ी थी, लेकिन 21 साल की उम्र में क्रिकेट की ओर रुख कर लिया था। इंटर यूनिवर्सिटी खेलने से लेकर रणजी ट्रॉफी मैम्बर बनने तक स्व. हैरी का क्रिकेट का सफर बेहतरीन था। स्व. हैरी ने क्रिकेट के क्षेत्र में अपनी दूसरी पारी कोच बनकर शुरु की। स्व. हैरी ने पंजाब अंडर -16 व पंजाब अंडर-19 टीमों के हैड कोच बनकर खिलाडियों को अपना सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शन दिया। बचपन में मोहल्ले व स्कूल में हॉकी खेलने वाले स्व. हैरी ने डी.ए.वी. कालेज में पढ़ाई के दौरान दोस्तों के कहने पर क्रिकेट खेलना शुरू किया था। इसी तरह वर्ष 1981 में 21 साल की उम्र में इंटर यूनिवर्सिटी स्तर पर मैच खेला। इसके बाद रणजी ट्रॉफी मैम्बर बने। वर्ष 1984 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में श्री हैरी ने पंजाब टीम की ओर से डैब्यू किया। वर्ष 1987 तक स्व. हैरी ने क्रिकेट खेला और फिर वर्ष 1988 से 1995 तक वह पंजाब जूनियर टीम के सिलैक्टर रहे। इसके बाद कुछ कारणों से उन्हें इस क्षेत्र से दूर रहना पड़ा। वर्ष 2006 में वह फिर से पंजाब जूनियर टीम के सिलैक्टर बने। वर्ष 2007 से 2017 तक पंजाब सीनियर टीम के सिलैक्टर रहे। वर्ष 2015-16 में पंजाब क्रिकेट मैनेजर के पद पर रहे।

क्रिकेट जगत मे बिताए स्व. हरजिंदर सिंह हैरी के कुछ यादगर पल ।

वर्ष 2017 में वह पंजाब अंडर-16 टीम के हैड कोच रहे और इसके बाद दो वर्षों तक पंजाब अंडर-19 टीम के हैड कोच रहे। 36 वर्ष के करियर में उन्होंने न केवल खुद की फिटनेस और अनुशासन पर ध्यान दिया बल्कि कोच के रूप में अपने विद्यार्थियों के लिए भी इस सबका ध्यान रखा। गौरतलब है कि न्यूज़ लिंकर्स वैब चैनल में स्व. हरजिंदर सिंह हैरी बतौर संपादक (स्पोर्ट्स) ऑनरेरी जुड़े हुए थे। स्व. हैरी अपने क्रिकेट करियर में कपिल देव, नवजोत सिंह सिद्धू, सुनील गवास्कर, हरभजन सिंह, युवराज सिंह, जसप्रीत बुमराह सहित अन्य दिग्गज खिलाड़ियों के काफी नजदीकी रह चुके है तथा वह कुछ दिग्गज क्रिकेटरों के साथ खेल भी चुके है। क्रिकेट के क्षेत्र से जुड़ा यह नाम किसी पहचान का मोहताज नहीं है। करियर में कई खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने वाले श्री हरजिंदर सिंह हैरी का कहना था कि किसी भी खेल में अपना सर्वोत्तम देने के लिए अनुशासन और कड़ी मेहनत सबसे जरूरी है।

परिवारिक सदस्यों के साथ बिताए स्व. हरजिंदर सिंह हैरी के कुछ यादगर पल

उनका मानना था कि मौजूदा दौर में बच्चों के लिए खेलों में भाग लेना बहुत जरुरी है क्योकि मॉडर्न लाइफ स्टाइल हैल्थी नहीं है और आजकल हर चीज़ में मिलावट पायी जाती है। स्व. हैरी के मुताबिक खिलाडियों के लिए यह बहुत जरुरी है कि वह दिग्गज खिलाड़ियों को खेलते हुए देखें तथा उनकी तकनीक को ध्यान से समझें। श्री हैरी के मुताबिक खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस और खान-पान की तरफ विशेष ध्यान देना चाहिए। हाल ही में स्व. हैरी की बेटी जसनीत कौर की शादी ऑस्ट्रेलिया में हुई है। स्व. हरजिंदर सिंह हैरी अपने पीछे धर्मपत्नी बलबीर कौर, बेटा अमनजोत सिंह, बहू अरुण कौर, पौत्र हरनव सिंह छोड़ गए है।

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