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🛑बालासोर रेल हादसा : हादसे के जिम्मेदारों की कर ली गयी पहचान
🛑रुक सकता था बालासोर रेल हादसा
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ओडिशा (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरों) : ओडिशा के बालासोर में 2 जून को हुए रेल हादसे में 288 लोगों ने अपनी जान गंवा दी। 900 से ज्यादा लोग घायल हैं।बता दे कि हादसे के एक घंटे बाद शाम को करीब 8 बजे बालासोर में एक ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर आई। इसके बाद दूसरी ट्रेन डिरेल होने की बात पता चली। रात करीब 10 बजे साफ हुआ कि दो यात्री गाड़ियां और एक मालगाड़ी टकराई हैं। शुरुआत में 30 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन देर रात यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बहानगा बाजार स्टेशन की आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी और हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस यहां डिरेल होकर मालगाड़ी से टकरा गई। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया और बोगियां तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं और कुछ देर बाद तीसरे ट्रैक पर आ रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ने कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों को टक्कर मार दी। इस यार्ड लेआउट के जरिए दुर्घटना के समय तीनों ट्रेनों की स्थिति को बताया गया है।

इस यार्ड लेआउट के जरिए दुर्घटना के समय तीनों ट्रेनों की स्थिति को बताया गया है। बीच वाली अप लाइन है, जहां शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस आ रही थी। वहीं दूसरी डाउन लाइन पर, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस पार कर रही थी। कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए, जिसके बाद वे बगल की पटरियों पर एक मालगाड़ी से टकरा गए और कुछ डिब्बे डाउन मेन लाइन पर भी गिर गए। जिससे बेंगलुरु-हावड़ा ट्रेन ने कोरोमंडल एक्सप्रेस के पटरी से उतरे डिब्बों को टक्कर मार दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार शाम करीब 4 बजे घटनास्थल पहुंचे। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अस्पताल में घायलों से भी मुलाकात करके उनके स्वस्थ्य के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुर्घटना का जो भी दोषी है, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हम इस घटना से सबक लेंगे और व्यवस्था को सुधारेंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन, इंग्लैंड से ऋषि सुनक सहित अन्य देशो ने इस हादसे को लेकर शोक जताया है। वही रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सुबह बालासोर पहुंचे और हादसे की जांच के आदेश दिए। उन्होंने मृतकों के परिवार को 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपए और चोट लगने वाले लोगों के लिए 50,000 रुपए देने की घोषणा की है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह हादसा इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ। उन्होंने कहा कि हमने जिम्मेदारों की भी पहचान कर ली है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम वह होता है, जिसमें ट्रेन का ट्रैक तय किया जाता है। उन्होंने कहा कि हमारा फोकस अभी मरम्मत पर है। रेल मंत्री ने आगे कहा कि ट्रैक को आज ही क्लियर कर दिया जाएगा और साथ ही मुरम्मत का काम हम बुधवार तक पूरा कर लेंगे और ट्रेन चलनी शुरू हो जाएंगी। न्यूज़ एजेंसी ने रेलवे के हवाले से जानकारी दी है कि गाड़ियों के बीच टक्कर रोकने वाला कवच सिस्टम इस रूट पर मौजूद नहीं था। लेकिन रेल मंत्री ने कहा कि हादसे का इससे कोई लेना-देना नहीं है।टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन भी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।हादसा इतना भीषण था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की कई बोगियां पूरी तरह पलट गईं।कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियां दूसरे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं।

हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सीढ़ी लगाकर फंसे लोगों को बाहर निकाला।
घटनास्थल पर लाशों का ढेर लग गया। कई लोगों के मलबे में दबने से मरने की आशंका है।
मौके पर 115 एम्बुलेंस तैनात की गईं, जिनसे घायलों को अस्पताल ले जाया गया।

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने अधिकारियों के साथ ओडिशा में दुर्घटनास्थल का दौरा करने के बाद शनिवार को कहा कि अगर टक्कर रोधी उपकरण होता तो बड़ा हादसा टल सकता था। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि उनके राज्य के 40 डाक्टरों और 110 एम्बुलेंसों को दुर्घटनास्थल पर तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने यात्रियों को दुर्घटनास्थल से निकालने के लिए बसें भी लगाई हैं। उन्होंने कहा कि टक्कर रोधी उपकरण होते तो इतनी बड़ी त्रासदी को टाला जा सकता था और हताहतों की संख्या को लेकर रेल मंत्री के साथ उनका विवाद भी हुआ। उन्होंने कहा कि वह पूर्व में रेलमंत्री रह चुकी है और इस तरह की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सुझाव देने को तैयार हैं। वही कांग्रेस के राहुल गाँधी और प्रियंका गांधी ने हादसे पर दुख जताते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों की मदद करने की अपील की है। ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने बालासोर अस्पताल का दौरा किया। सीएम नवीन पटनायक ने राज्य में एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। गौरतलब है कि कोरोमंडल एक्सप्रेस 14 साल साल पहले यानी कि 13 फरवरी 2009 को भी ऐसे ही हादसे का शिकार हुई थी। इत्तफाक की बात है कि वह हादसा भी शाम के साढ़े 7 बजे के करीब ही हुआ था। ट्रेन जाजपुर रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी। इसी दौरान वह गलत ट्रैक पर चली गई और उसकी 8 बोगियां पलट गई थीं। हादसे में 16 यात्रियों की मौत हुई थी और 40 से ज्यादा घायल हुए थे।

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