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⚫INSIDE STORY : मुकेश सेठी की गिरफ्तारी के बाद क्यों टूटा आप विधायक शीतल अंगुराल के सब्र का बांध : निगम चुनावों से केवल 1 माह पूर्व जालंधर वैस्ट में हालात हुए विस्फोटक, बड़ी गैंगवार की सम्भावना?!
⚫असमंजस में जालंधर पुलिस प्रशासन, किस की माने किस की न माने

जालंधर (योगेश सूरी) : जालंधर पुलिस द्वारा जालंधर वैस्ट से विधायक शीतल अंगुराल के करीबी आप नेता मुकेश सेठी की गिरफ्तारी के बाद जालंधर वैस्ट हल्के में विधायक व सांसद के बीच चल रही राजनीतिक टस्सल का पटाक्षेप हो गया व विधायक शीतल अंगुराल ने फेसबुक पर लाईव हो कर अपनी ही पार्टी के सांसद सुशील रिंकू के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया। बता दे की जालंधर से सुशील रिंकू के कांग्रेस पार्टी छोड़ आप ज्वाइन करने व जालंधर से सांसद की टिकट मिलने के बाद से ही आप विधायक शीतल अंगुराल राजनीतिक व सामाजिक रुप में घुटन महसूस कर रहे थे l

अंगुराल व रिंकू के परिवारों के बीच पुरानी रंजिश सर्वविदित है ऐसे में जब विधायक शीतल भाजपा छोड़ आप में शामिल हुए थे और उन्हें आम आदमी पार्टी के बड़े मंचों पर तव्वजो मिलनी शुरु हुई थी, और पार्टी ने उन्हें विधानसभा चुनावों में टिकट से नवाजा था तो नि:संदेह रिंकू खेमें में स्थितियां अत्यंत विस्फोटक हो गई थी क्योंकि रिंकू के बेहद करीबी माने जाते लोग या कहे की रिंकू के सिपाहसालार धड़ाधड़ शीतल का दामन थामने लगे और परिणामस्वरूप विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की टिकट पर विधानसभा की टिकट पर चुनाव लड़े सुशील रिंकू आप के शीतल अंगुराल से पराजित हो गए l

राजनीतिक व क्षेत्रीय स्तर पर अंगुराल से पराजित होना रिंकू के लिए बेहद विकट स्थिति लेकर आया और स्वयं उनकी पुश्तैनी पार्टी कांग्रेस ने रिंकू की जिलाध्यक्ष की दावेदारी को दरकिनार कर पूर्व विधायक राजेन्द्र बेरी को जिलाप्रधान नियुक्त कर वेस्ट में रिंकू का मामला और भी विकट कर दिया l ऐसे समय में जालंधर के एम पी चौधरी संतोख सिंह के अकस्माक निधन ने रिंकू के सितारों में फिर चमक भरी व राजनीतिक पंडितों की मानते हुए रिंकू ने भारी अटकलों के बाद आखिर आम आदमी पार्टी ज्वाइन कर ली और पार्टी हाईकमान ने भी उन्हें अंगुराल को नजरअंदाज कर न केवल बड़े मंचों पर शीतल से ऊंचे कद के नेता के रुप में प्रस्तुत किया ब्लकि रिंकू के कद को भांपते हुए पार्टी ने अपने कई विधायकों की नाराजगी के बावजूद उन्हें सांसद के रुप में अपना उम्मीदवार चुना जिसमें काफी अटकलों के बाद व पार्टी हाईकमान की सख्ती के बाद नाराज चल रहे शीतल को रिंकू के पक्ष में जनसभाएं करनी पड़ी व खुले रुप में रिंकू का समर्थन करना पड़ाl हलांकि अपने कल के वीडीयों में विधायक शीतल सुशील रिंकू के पक्ष में उतरने का सारा श्रेय रिंकू की पार्षद पत्नी को देते नज़र आ रहे है और स्पष्ट शब्दों में कह रहे है की वह रिंकू की पत्नी का सम्मान करते है व उन्हीं के कहने पर रिंकू के समर्थन में उतरे थे lबता दे की रिंकू को टिकट मिलने के बाद न केवल शीतल को अपने कट्टर राजनीतिक शत्रु के पक्ष में नितरना पड़ा बल्कि वैस्ट हल्के के पार्षद स्तर के नेताओं की वफादारिया फिर टूटी व इस बार यह वफादारिया सांसद का चुनाव लड़ रहे रिंकू के पक्ष में नितरी l आपसी रंजिशों की रफ्तार भी जोर पकड़ने लगी और फिर विधायक रहते जो काम शीतल ने रिंकू के वफादारों के साथ किए वही अब रिंकू ने शीतल के खेमें के सिपहसलारों के साथ करने शुरु कर दिए l सब्र का बांध टूटने का दावा करने वाले विधायक शीतल ने अपने फेसबुक लाईव में अपने सिपहसलारों पर हुए राजनीतिक हमलों को बखूबी बयान किया पर विधायक रहते उनके द्वारा रिंकू के सिपहसलारों की टूट-फूट वह छिपा गए l मुकेश सेठी की गिरफ्तारी से बौखलाए विधायक ने पराकाष्ठा की हद यहां तक करदी की अपनी ही पार्टी के सांसद के नजदीकी रिश्तेदारों को भी नशेडी, तस्कर व माफिया बता दिया। बहरहाल निगम चुनावों की घोषणा के एक माह पूर्व विधायक शीतल अंगुराल की इस फेसबुक लाईव ने वैस्ट हल्के में तो राजनीतिक तूफान खड़ा कर ही दिया है बल्कि आगामी निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी की विश्वसनीयता पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिए है l सबसे गम्भीर बात तो यह है की बार-बार गैंगस्टरों का अपने लाईव में जिक्र कर विधायक ने आने वाले दिनों में वैस्ट हल्के में बड़ी गैंगवार को लेकर भी स्पष्ट संकेत दे दिए है l जालंधर के पुलिस प्रशासन के लिए भी जालंधर वैस्ट की स्थिति इस समय गम्भीर चुनौती के रुप में देखी जा रही है l क्योंकि सत्ताधारी पक्ष के विधायक व सांसद की आपसी रंजिश की गाज कब किस पुलिस अधिकारी पर गिर जाए कहा नहीं जा सकता l

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