HIMACHAL PRADESH

आत्मनिर्भर योजना होगी युवाओं के लिए ‘वरदान’: जय राम ठाकुर

शिमला,5 सितंबर  (न्यूज़ लिंकर्स ब्यूरो):हिमाचल सरकार ने ‘‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर योजना’’ के अन्तर्गत प्रदान किए जाने वाले अनुदान को खज़ाना विभाग के बजाय नोडल बैंकों से आबंटित करने और 60 प्रतिशत अनुदान अग्रिम किस्त के रूप में प्रदान करने की अधिसूचना जारी कर दी है। यह बात मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने आज शिमला से वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से स्टार्ट अप योजना और मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर योजना के लाभार्थियों से बातचीत करते हुए कही।मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि यदि इस तरह की योजना उनके युवा काल के दौरान होती तो उन्होंने राजनीति में न आकर योजना के लाभ प्राप्त करके स्वरोजगार को अपनाया होता। उन्हांेने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर योजना’’ को और आकर्षित बनाने के लिए युवाओं और लाभार्थियों के सुझावों पर प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न संशोधन किए गए हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की है कि आने वाले समय में यह योजना राज्य के युवाओं के लिए वरदान साबित होगी।

लाभार्थियों को 1 वर्ष नहीं 6 महीने बाद जारी किया जाएगा ब्याज अनुदान

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि लाभार्थियों को ब्याज अनुदान एक वर्ष की बजाय 6 महीने बाद जारी किया जाएगा। सरकार ने नई गतिविधियां जैसे ई-रिक्शा, सौर ऊर्जा युक्त थ्री व्हीलर, छोटी मालवाहक गाड़ी, मोबाइल फूड वैन इत्यादि को इस योजना के अन्तर्गत शामिल करने का निर्णय लिया है। लाभार्थियों की सुविधा के लिए प्रत्येक कार्य के लिए समय सीमा तय की गई है। बैंकों द्वारा 1 माह के भीतर ऋण स्वीकृति प्रदान की जाएगी और महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र द्वारा व्यावसायिक उत्पादन के तहत 15 दिन के भीतर शेष अनुदान आबंटित किया जाएगा।

इस वर्ष 2000 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर योजना’’ मई 2018 में युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से आरंभ की गई थी। पिछले वर्ष 1415 युवाओं ने इस योजना में रूचि दिखाई और पिछले कुछ महीनों में 536 युवाओं ने योजना का लाभ प्राप्त किया। सरकार द्वारा इस योजना के अन्तर्गत इस वर्ष 2000 युवाओं को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना का मोड्यूल जारी

मुख्यमंत्री श्री जयराम ठाकुर जी ने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत उद्योग मशीनरी के लिए 40 लाख की अधिकतम सीमा के साथ पुरुषों के लिए 25 प्रतिशत, महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत और विधवाओं के लिए 35 प्रतिशत निवेश अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस कार्य के लिए बैंकों द्वारा परियोजना लागत का 90 प्रतिशत स्वीकृत किया जाएगा जबकि लाभार्थी का हिस्सा मार्जिन मनी के रूप में 10 प्रतिशत होगा। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों की सुविधा के लिए योजना का मोड्यूल भी ऑनलाइन जारी किया।

राज्य सरकार ने 536 युवाओं को उपलब्ध करवाया  11.35 करोड़ का ऋण और  27.16 करोड़ की सब्सिडी 

उद्योग मंत्री श्री बिक्रम सिंह ठाकुर जी ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर योजना’’ युवाओं के लिए वरदान साबित हुई है, जिससे वह नौकरी चाहने वालों के बजाय नौकरी प्रदाता बन रहे हैं। उन्होंने इस योजना को युवाओं के लिए और अधिक आकर्षक बनाने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग श्री राम सुभग सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कुछ माह पूर्व 536 युवाओं को 11.35 करोड़ रुपये के ऋण और 27.16 करोड़ रुपये की सब्सिडी उपलब्ध करवाकर लाभान्वित किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि वर्तमान वित्त वर्ष के लिए निर्धारित लक्ष्यों को प्राप्त करने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे। निदेशक उद्योग श्री हंसराज शर्मा ने कार्यवाही का संचालन किया और इस योजना की विस्तृत जानकारी दी।

लाभार्थियों ने साझा किया अनुभव

बिलासपुर जिला से मीना देवी, चंबा जिला से मनीष जम्वाल, हमीरपुर जिला से शौर्य राजपूत, कांगड़ा जिला से आशीष, कुल्लू जिला से अस्मिता, मंडी जिला से देसराज, शिमला जिला से विजय शर्मा, सोलन जिला से आशुतोष सहित अन्य कई लाभार्थियों ने इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री के साथ अपने विचार साझा किए।

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